फतेहपुरः मोबाइल से दूर रहें बच्चे, याददाश्त हो रही कमः एसपी
मुख्य अतिथि ने छात्र-छात्राओं को आईएएस, आईपीएस बनने के लिए प्रेरित किया पुलिस अधीक्षक ने ब्रिलियंट ओरिएंटल स्कूल के स्मार्ट क्लासेस, लाइब्रेरी, ग्राउंड की तारीफ की पदग्रहण समारोह में पदाधिकारियों को बैज और पट्टा पहनाकर सम्मानित किया मुख्य अतिथि का इश्तियाक हुसैन, वासिफ हुसैन, वकील अहमद ने प्रतीक चिह्न और बुकें देकर स्वागत किया महिला थानाध्यक्ष का भी भी संगीता यादव का भी बुकें और प्रतीक चिह्न देकर स्वागत किया गया

पक्का ता




लाब स्थित ब्रिलियंट ओरिएंटल स्कूल में शनिवार को आयोजित पदग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि एसपी अभिमन्यु मांगलिक का शानदार स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि ने पदाधिकारियों को पट्टा और बैज लगाया। इसके बाद सभी पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई। समारोह में मुख्य अतिथि ने छात्र-छात्राओं को आईएएस, आईपीएस बनकर देश सेवा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि वह भी साधारण छात्र थे लेकिन मेहनत कर यूपीएससी की परीक्षा पास की। उन्होंने कहा कि स्कूल का इफ्रास्ट्रेक्चर बहुत अच्छा है। अनुशासन के साथ ही पढ़ाई कर अपने स्कूल और देश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि जितना भी हो सके बच्चे मोबाइल से दूर रहें। मोबाइल के ज्यादा प्रयोग से लोगों की याददाश्त भी कम होती जा रही है। रील देखने वाले यह भी याद नहीं रखते कि इससे पहले उन्होंने कौन सी रील देखी थी।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी पोस्ट नहीं है कि यहां पर कोई भी नहीं पहुंच सकता है। यहां तक कोई भी छात्र-छात्राएं पहुंच सकते हैं। उन्होंने अहम नहीं आना चाहिए। छात्र-छात्राओं को मेहतन से पढ़ाई करने के बाद भी सफलता नहीं मिलती है तो वह मायूस होकर पांच-छह महीने पढ़ाई से अलग हो जाते हैं। इसके बाद अगली परीक्षा के लिए उनको बहुत कम समय मिलता है। इसलिए छात्र-छात्राओं को ऐसा नहीं करना चाहिए। सफलता न मिले तो सोचना चाहिए कि कुछ कमी रह गई होगी। इसके बाद फिर उस कमी को दूर कर मेहनत से पढ़ाई करें तो सफलता जरूर मिलेगी।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि सफलता से ज्यादा असफलता से बच्चे सीखते हैं। किसी को यह अहम नहीं होना चाहिए कि जो हमने कर लिया वह कोई दूसरा नहीं कर सकता। स्कूल में बच्चे जो सीखते हैं वह उनको जीवन भर याद रहता है। स्कूल में अच्छे अध्यापक हैं। इसके अलावा सारी सुविधा है तो लगन से बढ़े स्कूल का भी नाम रोशन करें। असफलता भी एक तरह का रियल्टी चेक होता है। आलोचना भी स्वस्थ होनी चाहिए। सिर्फ पढ़ाई ही नहीं उसके साथ एक्स्ट्रा कैरिकुलर एक्टिविटीज भी करना चाहिए। जो भी हो किसी को स्पोर्ट्स पसंद है तो किसी को देखना ही पसंद है। जिसमें जिसकी रुचि हो वह करे। उन्होंने कहा कि स्कूल आकर बहुत अच्छा लगा। अगर किसी को मेरी जरूरत पड़े तो बेहिचक उनके दफ्तर आ सकता है। इससे पहले एसपी ने स्कूल ग्राउंड, क्लास रूम, लाइब्रेरी, मल्टीपरपज हॉल भी देखा। उन्होंने स्कूल के स्मार्ट क्लासों की तारीफ की।
एसपी साहब की मोटिवेशनल स्पीच से छात्र-छात्राओं के साथ अध्यापक और अध्यापिकाओं पर भी असर हुआ। सभी ने कहा कि एसपी सर ने एक अध्यापक की तरह हम लोगों को मोटिवेट किया है। संस्थापक इश्तियाक हुसैन, चेयरमैन वासिफ हुसैन, डायरेक्टर कृष्णा उप्पल, वकील अहमद, ताहिर हुसैन, आसिफ हुसैन, अरशद नूर, ताहिर हसन, अफजल अली, कहकशां शाहीन, कनीज फातिमा, शुमैला शाहीन, जेवेरिया आफरीन आदि ने एसपी को बुकें देकर स्वागत किया। स्कूल परिसर से भी बच्चों ने एसपी साहब पर फूलों की बारिश की। स्कूल के बच्चों ने गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया। स्पोर्ट्स टीचर मोहम्मद मोहसिन ने मुख्य अतिथि को सलामी दी। उन्होंने बच्चों के अनुशासन और साफ सफाई की भी बहुत तारीफ की। बच्चों ने पुलिस अधीक्षक के स्वागत के लिए स्कूल परिसर को गुब्बारों और छालरों से सजाया था।
महात्मा गांधी, रानी लक्ष्मीबाई, सुभाष चंद्र बोस, जवाहर लाल नेहरू, भगत सिंह आदि का रूप धारण कर आए बच्चों ने मुख्य अतिथि को बुकें देकर स्वागत किया। आसिफ हुसैन, वकील अहमद ने एसपी को प्रतीक चिह्न दिया। संचालन फजल बाकरी, ताहिर हसन और अफजल अली ने किया। इश मौके पर महिला थानाध्यक्ष संगीता यादव का भी बुकें और प्रतीक चिह्न देकर स्वागत किया गया। उन्होंने भी छात्राओं को सुरक्षा के टिप्स दिए। यह भी कहा कि अगर कोई रास्ते में परेशान करे तो शिकायत करें। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर फराज अहमद, शहजाद अहमद, जायर, अब्दुल्लाह, नियाबुल, उबैद, सैफ, मुफ्ती वसीम, सूफिया अशफाक, असफा, अरशिया, फरहीन एजाज, संजीव कुमार तिवारी, अजहर, बेबी समन, लैला खालिद, शगुफ्ता, नाजिया नूर, नाजिया करीम, मुबश्शिरा, सारा, शिफा, अलीना, जैनब, तहजीब, शबाहत, जैनब हसन, सानिया, सना, अरीबा, फौजिया, खुशी, ईमान, अलवीरा, एरा, अरबिया, अदीबा, फौजिया, गुलेनाजमीन, साद मसूद, अलवीरा, समरा, अरीबा नाज, शबीना बानो, फातिमा, आदि मौजूद रहे।


