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लखनऊ

लखनऊ : नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने आवास पर की जनसुनवाई

विद्युत बिल संशोधन, जर्जर तारों को बदलने, सड़क सफाई, सीवर एवं पेयजल से जुड़े मामले पहुंचे, तत्काल कार्रवाई के निर्देश

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आज अपने आवास पर जनसुनवाई कर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं को सुना। जनसुनवाई के दौरान लोगों ने विद्युत, नगर विकास तथा जनसुविधाओं से जुड़ी अपनी समस्याएं मंत्री जी के समक्ष रखीं। श्री शर्मा ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का तत्काल संज्ञान लेकर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में विद्युत बिल में संशोधन, जर्जर एवं पुराने विद्युत तारों को बदलने, विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के साथ-साथ सड़क की सफाई, सीवर की समस्या तथा पेयजल उपलब्धता से जुड़े मामले प्रमुख रूप से सामने आए। मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से समस्याओं के संबंध में जानकारी लेते हुए कहा कि जनसामान्य की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।विद्युत से संबंधित मामलों में मंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बिल संबंधी शिकायतों की जांच कर पात्र मामलों में नियमानुसार तत्काल संशोधन कराया जाए। जर्जर एवं क्षतिग्रस्त विद्युत तारों के मामलों में मौके का निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार तार बदलने तथा विद्युत सुरक्षा के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

नगर विकास से जुड़ी शिकायतों पर मंत्री श्री शर्मा ने सड़क सफाई व्यवस्था को बेहतर करने, सीवर की समस्याओं का स्थायी समाधान करने तथा पेयजल से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में केवल औपचारिकता न हो, बल्कि मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच की जाए और शिकायतकर्ता को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराया जाए।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की समस्याओं को सीधे सुनना और उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक नागरिक को बेहतर विद्युत आपूर्ति के साथ स्वच्छ सड़कें, सुचारु सीवर व्यवस्था और पर्याप्त पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसामान्य की समस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए।श्री शर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का दायित्व है कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनके समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई करें। जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत की प्रगति की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

 

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