
प्राची राय
वाराणसी । ठंड की दस्तक के साथ ही काशी में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। दिसंबर की शुरुआत होते ही शहर घने कोहरे की गिरफ्त में आ गया है। गुरुवार सुबह वाराणसी में कोहरा इतना सघन रहा कि दृश्यता घटकर मात्र 80 मीटर तक सिमट गई, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, आने वाले तीन दिनों तक वाराणसी और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इस दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। बीते दो दिनों से शाम होते ही कोहरा छाने लगा है। कोहरे की वजह से रेल यातायात भी अस्त-व्यस्त हो गया। वाराणसी जंक्शन (कैंट), बनारस, वाराणसी सिटी और काशी स्टेशनों से आने-जाने वाली दर्जनभर ट्रेनें 8 से 11 घंटे तक विलंबित रहीं। आनंद विहार टर्मिनल–दानापुर जनसाधारण एक्सप्रेस 11.30 घंटे, नई दिल्ली–बनारस काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस 11 घंटे और नई दिल्ली–राजगीर श्रमजीवी एक्सप्रेस करीब 8 घंटे की देरी से पहुंची, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। घने कोहरे का असर लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी साफ दिखाई दिया। एयरपोर्ट प्रशासन ने 16 दिसंबर से 15 फरवरी तक विंटर शेड्यूल लागू करते हुए 10 उड़ानों को दो महीने के लिए रद्द और 42 उड़ानों को रीशेड्यूल कर दिया है। नए शेड्यूल के अनुसार अब एयरपोर्ट से पहली उड़ान सुबह 7:35 बजे और अंतिम उड़ान रात 9:45 बजे संचालित होगी एयरपोर्ट डायरेक्टर पुनीत गुप्ता ने बताया कि कोहरे के कारण सुबह से शाम तक की कई उड़ानों को रीशेड्यूल किया गया है, ताकि यात्रियों को पहले से अपनी यात्रा की योजना बनाने में सुविधा मिल सके। एयरपोर्ट से कुल 10 उड़ानों को दो महीने के लिए रद्द किया गया है, जिनमें दिल्ली रूट की उड़ानें सबसे अधिक हैं। इंडिगो की पुणे उड़ानें 6E-049 और 6E-6884, इंडिगो की दिल्ली–वाराणसी की चार उड़ानें, एयर इंडिया एक्सप्रेस की IX-184 (शारजाह– वाराणसी) और IX-1226 (वाराणसी– दिल्ली) शामिल हैं। इसके अलावा इंडिगो की बेंगलुरु से आने-जाने वाली देर रात की उड़ानें भी रद्द कर दी गई हैं।




