आजमगढ़: मृतक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रशासन से अपनी मांग रखी

गोविन्द लाल शर्मा
आज़मगढ़।राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल बिहारी मृतक दागी ने बताया है कि सरकारी अभिलेखों में जीवित को मृत घोषित करने व धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, अन्याय, घूसखोरी से दूसरों की जमीनों व मकानों को हड़पने भ्रष्ट लाल फीता शाही अधिकारियों, कर्मचारियों एवं लेखपालों पुलिस की मिली भगत से नक्सा परिवर्तन फर्जी मुकदमा करने वालों से चल अचल संपत्ति, वेतन, पेंसन वसूली कर समस्त पीड़ितों को मुआवजा 5-5 करोड़ सामाजिक न्याय मानव अधिकारों की रक्षा जन न्याय कल्याण किया जाय।उन्होंने आगे कहा कि चौथा स्तंभ मीडिया के पत्रकारों, छायाकारों अपनी जान जोखिम खतरे में डालकर भ्रष्टाचार को उजागर कर विभिन्न समस्याओं को प्रकाश में लाकर जागरूक करने वालों को दबंग पुलिस द्वारा फर्जी मुकदमा में फंसा देते हैं। या पत्रकारों को जान से मार देते हैं। ऐसे परिवारों को सरकार एक-एक करोड़ रूपया सरकारी नौकरी मुआवजा दें। मृतक संघ 1976 से अहिंसा पूर्वक विचारों की क्रांति अनोखे संघर्षों से हजारों जीवित मृत घोषित और धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, अन्याय से पीड़ितों के लिए संविधान व न्यायालय का सम्मान करते हुए निरंतर जनहित में संघर्ष जारी है। माननीय हाई कोर्ट राष्ट्रीय मानवाधिकारी आयोग शासन प्रशासन के कार्यालयों व न्यायालयों में साक्ष्य रजिस्टर्ड है। आज भी लाखों करोड़ों जनता सरकारी कार्यालयों, न्यायालयों में दर-दर भटक न्याय की भीख मांग रहे हैं। आर्थिक, शारीरिक, मानसिक, शोषण, उत्पीड़न के शिकार हैं। जिलाधिकारी कार्यालय के अगल-बगल सार्वजनिक धरना स्थल शासन प्रशासन को निर्धारित करने की जरूरत है। जहां जन समस्याओं के निदान हेतु धरना प्रदर्शन, रैली, विचार गोष्टी द्वारा शासन प्रशासन को अवगत करा कर जनहित में सामाजिक न्याय मानव अधिकारों की रक्षा की मांग कर सकें।




