
दीपोत्सव की हार्दिक बधाई, इन शुभकामनाओं के साथ…
बस दिवाली रहे
हर गली गांव घर में, उजाला रहे।
बस दिवाली रहे, ना दिवाला रहे।।
इस तरह से दिये हम,जलाएं यहां।
रह न जाए अंधेरा, न काला रहे।।हर गली गांव घर में…
ऐसे संकल्प लें, इस धरा के लिए।
सस्ते बाजार हों, ना घोटाला रहे।।हर गली गांव घर में…
बस सच्चाई रहे, सारे अखबार में।
बेवजह का न उसमें,मसाला रहे।।हर गली गांव घर में…
आम लोगों में हों, चाहे दरबार में।
डर न हो,न जुबानों पे ताला रहे।।हर गली गांव घर में…
धूप से आग से, गढ़ रहे जो दिये।
वे रहें रोशनी में, न ठाला रहे।।हर गली गांव घर में…
रह न जाये कहीं,कोई छोटा बड़ा।
हाथ-पावों में कोई, न छाला रहे।।हर गली गांव घर में…
ये दिवाली मनाएं, जरा इस तरह।
हो न जुआ न धुंआ,न हाला रहे।।हर गली गांव घर में…
काम लायक बनें,हम उसे ही चुनें। …”अनंग”
बेटा बेटी न साली, न साला रहे।।हर गली गांव घर में…




