पेड़ लगाए,पेड़ बचाए,सांसों को बढ़ाएं: कैप्टन चन्द्र प्रकाश शर्मा

आकाश वर्मा
शिवपुरी। पंचतत्व (क्षिति जल,पावक, गगन, वायु ) को सुरक्षित रखने के लिए वृक्षारोपण करना बहुत जरूरी है। पेड़ होंगे तो शुद्ध वायु के द्वारा मजबूत फेफड़े होंगे, हमारी सांसे लंबी होगी, जीवन स्वस्थ होगा। इसलिए “पेड़ लगाए हम, सांसों को बढ़ाएं हम”। यह शब्द अखंड ब्राह्मण सेवा समिति भारतवर्ष के जिला अध्यक्ष कैप्टन चंद्र प्रकाश शर्मा ने हाथीखाना में पेड़ लगाते हुए कहे। कैप्टन चंद्र प्रकाश शर्मा ने कहा कि आजकल हम पेड़ काटते हैं, तोड़ते हैं, लगाते नहीं है । मगर फल चाहिए, फूल चाहिए, छाया चाहिए, शुद्ध हवा चाहिए, कहां से लाओगे। पर्यावरण को शुद्ध रखना हम सबका कर्तव्य है। पर्यावरण में जो जहरीला प्रदूषण फैलता है।वह प्रदूषण मानव और अन्य जीव जंतुओं के लिए हानिकारक होता है।पर्यावरण प्रदूषण,औद्योगीकरण से निकलने वाला कचरा, वायु और धुवाँ हवा को प्रदूषित करता है और अम्लीय वर्षा होती है।अपशिष्ट जहरीला पदार्थ जो निकलता है वह जल में मिल जाता है, इस प्रकार से जल भी प्रदूषित हो जाता है।और जल के प्रदूषित होने से जो जलीय जीव होते हैं,उनको नुकसान होता है।आधुनिकीकरण ,आधुनिक प्रौद्योगिकी में अपनी प्रक्रियाओं से अनेक प्रकार की गैसों के साथ रसायन युक्त पदार्थ के माध्यम से जल,थल और वायु सभी को प्रदूषित करता है।आज मानव जल्दबाजी में रहता है।वह साइकिल से नहीं चलता है। विभिन्न प्रकार के वाहनों से वायु प्रदूषण फैलता है।कृष्णा त्रिपाठी ने कहा कि कंपोस्ट खाद, गोबर आदि का प्रयोग कम हो गया है। खेती में रसायनों का प्रयोग बढ़ गया है।रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुंचाते हैं । खेतों में कीट लग जाते हैं।उनको नष्ट करने के लिए कीटनाशक का जो उपयोग किया जाता , दवाओं का जो प्रयोग किया जाता है। हमारे स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है। महासचिव दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है, यह सब पर्यावरण प्रदूषण को बढ़ाता है । यह मिट्टी के कटाव, जल प्रदूषण , वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार होता है। पेड़ों की अंधा धुंध कटाई ,जनसंख्या वृद्धि है।कारखाने वायु प्रदूषण को जन्म देते है। वायु में कार्बन सभी जीव जंतुओं को हानि पहुंचती है।




