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एजुकेशन

ग्रामीण विकास के लिए नवाचार और इनोवेशन पर ज़ोर

विद्यापीठ एवं साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट के बीच महत्वपूर्ण समझौता

वाराणसी। ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी एवं साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट, वाराणसी के बीच आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी एवं साईं इंस्टिट्यूट के निदेशक अजय सिंह ने औपचारिक रूप से दस्तावेज़ों का आदान-प्रदान किया। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा, “यह साझेदारी ग्रामीण भारत में शिक्षा, तकनीक और आत्मनिर्भरता के नए द्वार खोलेगी। हमारा लक्ष्य है कि अकादमिक संसाधनों और नवाचारों के माध्यम से गांवों को सशक्त बनाया जाए।”

साईं इंस्टिट्यूट के निदेशक अजय सिंह ने कहा, “यह सहयोग ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को प्रशिक्षण एवं उद्यमिता के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम तकनीकी हस्तांतरण और कौशल विकास को प्राथमिकता देंगे।”

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ आउटरीच के निदेशक प्रो. संजय ने कहा, “यह सहयोग न केवल संस्थानों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावशाली सामाजिक परिवर्तन की नींव रखेगा। हमारी कोशिश रहेगी कि इस पहल के माध्यम से स्थानीय समस्याओं के व्यवहारिक समाधान विकसित किए जा सकें।”

इस MoU के माध्यम से समाज कार्य, समाजशास्त्र, शिक्षा, हैंडलूम साइंस, ललित कला एवं फैशन डिजाइनिंग के विद्यार्थी इंटर्नशिप,के सकते हैं तथा ग्रामीण विकास, सशक्तिकरण एवं ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्रों में शोध एवं विकास के कार्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

इस अवसर पर डॉ. सुनीता पांडेय, कुल सचिव, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, उप कुलसचिव हरिश्चंद्र, कुलानुशासक प्रो. के के सिंह सहित साईं इंस्टिट्यूट की प्रशासनिक मैनेजर दीक्षा सिंह सहित कई प्रबुद्धजन एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।

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