गाजीपुर:डॉ कृष्ण देव की पुस्तक दरद बेबसी के’गजलों में लोक संस्कृति भाव अभिव्यक्ति का सुंदर समावेश

गाजीपुर। राष्ट्रीय साहित्यिक एवं सामाजिक सेवा संस्था साहित्य उन्नयन संघ द्वारा कृष्णा पब्लिक स्कूल, तुलसीसागर के संयोजन में पुस्तक समीक्षा एवं काव्य पाठ का भव्य आयोजन किया गया। पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेजों के दर्जन भर वरिष्ठ प्रोफेसरों द्वारा विचार रखे गए। वरिष्ठ कवियों ने अपने काव्य पाठ से खूब वाहवाही बटोरी। मऊ जनपद के सुप्रसिद्ध भोजपुरी साहित्य के लेखक डॉ. कृष्णदेव घायल की पुस्तक ‘दरद बेबसी के’ पर अपनी समीक्षा में पी. जी. कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. आर. एन. तिवारी ने कहा कि लेखक ने अपनी गजलों में लोक संस्कृति, भाषा एवं भाव अभिव्यक्ति का सुंदर समावेश किया है। कवि संवेदना को विचार का रूप देने में पूर्णतः सफल रहा है।वहीं मऊ जनपद के एक अन्य वरिष्ठ साहित्यकार श्री रमेश राय के उपन्यास पर अपने विचार रखते हुए प्रोफेसर डॉ. समरेंद्र मिश्रा ने कहा कि बेगम सती का चौरा एक ऐतिहासिक उपन्यास है जिसमें कवि मानव मन की धार्मिक, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक एवं राजनैतिक गुत्थियों को सुलझाने में सफल होता हुआ दिखाई दे रहा है। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलीप कुमार चौहान बागी ने किताबों के महत्व को समझाते हुए कहा कि किताबों की दोस्ती लाजवाब होती है जो कभी बेनूर न हो वैसे ये शबाब होती हैं। प्रोफेसर डॉ.नर नारायण राय ने कहा कि साहित्य के बगैर समाज एवं राष्ट्र का विकास असंभव है। इसी क्रम में सुजीत कुशवाहा, डॉ. देव प्रकाश राय, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. राजीव मिश्रा, वेद प्रकाश राय एवं श्री सीताराम राय द्वारा भी विचार प्रकट किए गए। कार्यक्रम के दूसरे चरण में वरिष्ठ कवि सुरेंद्र सिंह चांस, डॉ. रामअवध सिंह कुशवाहा, कवि अमिताभ बागी, आशुतोष सिंह, शास्त्री अनिल सिंह अनिलाभ, डॉ. कृष्णदेव घायल, बाल कवयित्री नंदिता, उत्कृष्ठ प्रताप सिंह सहित कई अन्य रचनाकारों द्वारा काव्य पाठ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुप्रसिद्ध गायिका डॉ. माया नायर द्वारा सरस्वती वंदना से किया गया। कार्यक्रम का संचालन दिलीप कुमार चौहान बागी एवं अध्यक्षता वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. लवजी सिंह ने की। संगठन के मुख्य संरक्षक डॉ. अजय सिंह द्वारा आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद राय, डॉ. जनक सिंह कुशवाहा, समाजसेवी कौशल कुमार राय, सोनू यादव, डॉ.संजय कुमार श्रीवास्त, कुमारी नंदिनी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




