दिल्ली में बढ़ा छात्रों का आक्रोश, संचार सेवा ठप, आज देश भर में प्रदर्शन
सीजेपी सदस्य बोले, मंत्रियों से घर पर नहीं होगी बात, अभिजीत दीपके बोले, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेकर ही उठेंगे, राहुल गांधी के साथ विपक्षी सांसदों ने गांधी स्मृति पहुंचकर मृतक छात्र-छात्राओं को दी श्रद्धांजलि राहुल के आवास से बस से सांसद जा रहे थे इंडिया गेट, बीच में ही पुलिस ने रोका, संसद भी चौथे दिन ठप रही, सत्ता और विपक्ष के सांसद आए आमने-सामने
आसिफ हुसैनः कानपुर। जंतर-मंतर अब केंद्र सरकार के लिए परेशानी का सबब बन गया है। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्र-छात्राओं पर की गई पुलिसिया बर्बरता से आक्रोश और बढ़ गया है। जंतर-मंतर पर आक्रोशित छात्र-छात्राओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। अब वह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के



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इस्तीफे से कम पर कोई बात नहीं करना चाहते हैं। छात्रों की मांग पर ही विपक्षी दल के नेता भी अड़ गए हैं। नेता विरोधी दल का कहना है कि संसद में चर्चा से पहले शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। इसीलिए आज भी संसद में गतिरोध कायम रहा। पहली बार विपक्षी दलों के साथ ही सत्ताधारी दलों के सांसद भी बाहर निकलकर नारेबाजी करने लगे। दिल्ली में आज भी 15 मेट्रो स्टेशन ठप रहे। सेंट्रल दिल्ली में संचार व्यवस्था ठप कर दी गई। कनाट प्लेस के होटल, रेस्टोरेंट और मार्केट बंद कर दिया गया। इस बीच शाम को नेता विपक्ष राहुल गांधी के साथ बस में बैठकर सांसद राजघाट पहुंच गए। वहां पर सांसदों ने नीट के मृतक छात्र-छात्रों को श्रद्धांजलि दी।
जंतर-मंतर पर दिन हो या रात छात्रों का हुजूम डटा है। तमाम विपक्षी दलों के बड़े नेता छात्रों को अपना समर्थन देने के लिए वहां पहुंच रहे हैं। आज केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया लेकिन छात्रों ने उनके आवास पर जाकर बात करने से साफ इनकार कर दिया। पुलिस की संचार व्यवस्था ठप करने की बात फैलने से छात्रों में आक्रोश और बढ़ गया। छात्र सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। लोगों ने छात्रों को हिंसा से दूर रहने की अपील की। कॉक्रोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने कहा कि अभी तो शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की बात हो रही है लेकिन जल्द ही बात पीएम के इस्तीफे तक पहुंच जाएगी। उनका कहना है कि शिक्षा मंत्री धमेंद्र का इस्तीफा लेकर ही हटेंगे। सीजेपी के सदस्यों का कहना है कि मंत्री जंतर-मंतर में आने से डर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि बैठक या तो जंतर-मंतर या फिर किसी न्यूटल स्थान पर होगी। मीटिंग में हवाबाजी नहीं होगी। सीजेपी के आह्वान पर कल पूरे देश में प्रदर्शन हो सकते हैं। सीजेपी का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के विरोध में एक दिन का प्रदर्शन पूरे देश में होगा।
शाम को नेता विपक्षी दल राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन के सांसदों के साथ बैठक की। इसके बाद अपने घर से बस में बैठ कर गांधी स्मृति जाने लगे। इस पर पुलिस ने रास्ते में बस को रोक दिया। आधा घंटे तक बस खड़ी रही। गांधी स्मृति पहुंचकर सांसदों ने मृतक छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि दी। राहुल का कहना है कि हम लोग इंडिया गेट जाना चाहते थे लेकिन पुलिस ने नहीं जाने दिया गया। सांसद प्रियंका गांधी, सांसद सुप्रिया सुले, सांसद महुआ मोइत्रा भी शामिल रहीं। सपा मुखिया अखिलेश यादव अपनी पार्टी के वरिष्ठ विधायक आलम बदी के निधन पर उनको श्रद्धांलजि देने आ गए। छात्रों के आंदोलन को हर तबके का साथ मिल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया औऱ राष्ट्रगान के साथ संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी ने भी छात्र-छात्राओं पर निर्मम बल प्रयोग करने की निंदा की। उन्होंने छात्रों की मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने पर जोर दिया। उधर, देश के अलग-अलग हिस्मों प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कानपुर में तो सपा के प्रदर्शन को देखते हुए सपा विधायक नसीम सोलंकी औऱ इरफान सोलंकी को समर्थकों के साथ घर में ही कैद कर दिया गया। आईसा की नेहा ने अपने भाषण से युवाओं में जोश भर दिया। उन्होंने सावित्री बाई और फातिमा शेख से हम प्रेरणा लेते हैं।सांसद मनोज झा का कहना है कि यह सरकार अंधी और बहरी है। अपने बच्चों की पीड़ा नहीं समझ रही है। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हम लड़ाई युवाओं की मांग के लिए लड़ रहे हैं। युवाओं की मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
अन्ना हजारे भी आए छात्रों के साथ, हिंसा की निंदा की
महाराष्ट्र के छात्रों के आंदोलन में उनके सामने ‘दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए’, देशभक्ति गाना गाया गया। छात्रों पर अत्याचार की बात सुनकर उनकी आंखों से आंसू निकल आए। उन्होंने कहा कि मोदीजी को खत लिखा है कि हिंसा नहीं होनी चाहिए। हिंसा ठीक नहीं, अहिंसा के मार्ग पर चलना चाहिए। अहिंसा हमारे देश की नीति होनी चाहिए। छात्रों के साथ जो हुआ वह गलत है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कहा कि जनता मालिक है, अधिकारी सेवक हैं।उन्होंने कहा कि 22 आंदोलन में कोई हिंसा नहीं हुई। आंदोलन से 10 कानून आ गए। जनता जो कह रही है सरकार को उनके पास जाना चाहिए।
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दोषियों को सजा देने के लिए बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट्सः पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बयान में कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए केस के त्वरि निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगी।



