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नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर में विदेशी आतंकवादी सक्रिय

अमरनाथ यात्रा के लिए मजबूत किया गया सुरक्षा घेरा

नई दिल्ली। अमरनाथ तीर्थ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी। सुरक्षा एजेंसियों को दर्जनों विदेशी आतंकवादियों की मौजूदगी और धार्मिक यात्रा में बाधा डालने की संभावित कोशिशों के खुफिया इनपुट मिले हैं। यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यात्रा मार्गों पर कई स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में लगभग 45 विदेशी आतंकी सक्रिय हैं। इनमें से 36 आतंकी अमरनाथ यात्रा मार्ग में अव्यवस्था फैलाने की फिराक में है। अधिकारियों को दो महीने लंबी अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा तंत्र को काफी मजबूत करना पड़ा है। सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि खुफिया आकलन से पता चलता है। आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं। खबर है कि उन्होंने अफगानिस्तान की सीमा पर मौजूद कैंपों में ट्रेनिंग ली है। किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने अमरनाथ यात्रा मार्ग पर हर एक किलोमीटर के गैप पर सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के मोबाइल कैंप लगाने का फैसला किया है। इससे तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता बढ़ाना और तीर्थयात्रा कॉरिडोर पर लगातार निगरानी बनाए रखना है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अमरनाथ यात्रा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 670 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी है। ये जवान लखनपुर एंट्री पॉइंट से शुरू होकर अमरनाथ गुफा मंदिर तक खास जगहों पर तैनात रहेंगे,इसके अलावा बेस कैंप,आने-जाने के रास्तों और संवेदनशील जगहों पर भी केंद्रीय बलों के जवान तैनात रहेंगे।

सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि तीर्थयात्रियों को कई स्तरीय सुरक्षा देने के लिए तैनाती की योजना बनाई गई है,जिसमें सेना पहाड़ी इलाकों,जंगली इलाकों और सार्वजनिक परिवहन वाली सड़कों पर मौजूद रहेगी।ऊपरी इलाकों में निगरानी ऑपरेशन और इलाके पर नियंत्रण के अभ्यास भी तेज कर दिए गए हैं,जहां आतंकवादियों और उनके जमीनी मददगारों के साजिश करने की आशंका है। खुफिया जानकारी से यह भी पता चलता है कि स्थानीय मददगार विदेशी आतंकवादियों को लॉजिस्टिक्स और आवाजाही में मदद कर रहे हैं,इसके जवाब में सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर कई संवेदनशील इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन और पूछताछ शुरू की है। हाल के अभियानों में कथित तौर पर संदिग्ध स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया गया है और हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं।वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि हालांकि आतंकवादी समूह अमरनाथ यात्रा को एक सांकेतिक लक्ष्य के तौर पर देखते हैं,लेकिन यात्रा के आसपास सुरक्षा घेरे को इतना मजबूत कर दिया गया है कि घुसपैठियों के मुख्य मार्गों तक पहुंचने की संभावना कम है। इस साल अमरनाथ यात्रा में उम्मीद है कि 3.5 लाख से अधिक तीर्थयात्री आ सकते हैं।प्रशासन,सिक्योरिटी फोर्स और आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियां पारंपरिक और दूसरे रास्तों से तीर्थयात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। यात्रा के दौरान लगातार निगरानी,खुफिया जानकारी साझा करना और त्वरित प्रतिक्रिया टीमें हाई अलर्ट पर रहेंगी,जिससे पता चलता है कि सरकार का फोकस मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद तीर्थयात्रा को शांति से आगे बढ़ाने पर है।

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