Slide 1
Slide 1
ब्रेकिंग न्यूज़

‘सागर’ नीतिः सेशेल्स की सुरक्षा और फिलीपींस की समृद्धि में मददगार बना भारत


नई दिल्ली। भारत ने ‘ग्लोबल साउथ’ के मित्र राष्ट्रों की सुरक्षा और जमीनी समृद्धि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए दो अलग-अलग कूटनीतिक मोर्चों पर बड़ी सफलता हासिल की है। हिंद महासागर में रणनीतिक सुरक्षा को धार देने से लेकर दक्षिण-पूर्व एशिया में सामाजिक-आर्थिक विकास को नया आयाम प्रदान करने तक, भारत आज एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में उभर रहा है। इस कूटनीतिक कड़ी के तहत, सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त रोहित रतीश ने वहां की राजधानी विक्टोरिया में आयोजित एक समारोह में सेशेल्स डिफेंस फोर्स (एसडीएफ) को पांच ‘लेज़र रेडियल’ क्लास बोट्स औपचारिक रूप से सौंप दी हैं। इन आधुनिक नावों को सेशेल्स के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज, मेजर जनरल माइकल रोसेट ने स्वीकार किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जून 2026 में सेशेल्स की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान की गई आधिकारिक घोषणा के तहत यह सुपुर्दगी की गई है। इन नावों का मुख्य उद्देश्य सेशेल्स के सैन्य कर्मियों के समुद्री कौशल और तटीय नौकायन प्रशिक्षण को उन्नत करना है। यह कदम भारत की ‘विजन महासागर’ और क्षेत्र में सभी की सुरक्षा तथा सामूहिक जिम्मेदारी (सागर) की नीति के बिल्कुल अनुकूल है।


सेशेल्स स्थित भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर लिखा ये नावें एसडीएफ कर्मियों के समुद्री कौशल (सीमैनशिप स्किल्स) को बेहतर बनाने में मदद करेंगी। इन नावों की डिलीवरी एसडीएफ की क्षमता और काबिलियत को मज़बूत करने के प्रति भारत की पक्की प्रतिबद्धता को दिखाती है और भारत-सेशेल्स के बीच लंबे समय से चली आ रही रक्षा और समुद्री साझेदारी को और गहरा करती है। वहीं दूसरी ओर, दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के समानांतर, फिलीपींस में भारत के राजदूत हर्ष कुमार जैन ने एक भव्य समारोह में नवनिर्मित ‘वर्किंग एंड ट्रेनिंग हॉल’ वहां के स्थानीय प्रशासन को सौंप दिया है। फिलीपींस के अक्लान प्रांत के नुमांशिया में ‘क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स’ (क्यूआईपी) फ्रेमवर्क के तहत निर्मित इस अत्याधुनिक हॉल से हजारों स्थानीय किसानों और मछुआरों को लाभ पहुंचेगा। कूटनीतिक स्तर पर यह भारत- फिलीपींस के बीच फरवरी 2023 में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय समझौते के तहत लागू किए जा रहे जमीनी स्तर के सामाजिक-आर्थिक विकास का चौथा सफल प्रोजेक्ट है। फिलीपींस स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार समारोह में बोलते हुए, राजदूत जैन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस सुविधा से 5,500 से ज़्यादा किसानों और मछुआरों को स्किल डेवलपमेंट, क्षमता निर्माण और आजीविका के अवसरों के ज़रिए फ़ायदा मिलने की उम्मीद है।कूटनीतिक विश्लेषकों के अनुसार सेशेल्स में समुद्री रक्षा सहायता और फिलीपींस में कृषि-समुदाय के लिए किया गया यह बुनियादी विकास, भारत की व्यावहारिक वैश्विक नीति की शानदार अभिव्यक्ति है। चाहे समुद्री सुरक्षा का मोर्चा हो या मित्र राष्ट्रों का सामाजिक-आर्थिक उत्थान, भारत आज पूरे क्षेत्र में एक ठोस कूटनीतिक और रणनीतिक पुल की भूमिका निभा रहा है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button