कानपुरः मखदूम शाह आला के उर्स पर दुआ के लिए उठे हजारों हाथ
या अल्लाह मेरी जायज तमन्नाओं को पूरा कर दे, मौलाना हाशिम अशरफी ने मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और कारोबार की तरक्की के लिए दुआ की.
कानपुर। जाजमऊ में हज़रत मोहम्मद यूसुफ़ उर्फ मख़दूम शाह आला रहमतुल्लाह अलैह के 768वें उर्स के कुल के मौके पर हजारों अकादतमंदों ने अल्लाह के सामने हाथ फैलाकर अपनी जायज तमन्नाओं को पूरी करने के लिए दुआएं मांगी। कुल पर तमाम उलमा ने कुरान की तिलावत की। इसके बाद मौलाना हाशिम अशरफी ने मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और कारोबार की तरक्की के लिए दुआएं मांगीं।
सज्जादानशीन अदनान राफ़े फ़ारूक़ी की तरफ से उर्स की व्यवस्था की गई। खास बात यह है कि इस उर्स में कोई कव्वाल नहीं बुलाया जाता है। वह खुद से ही दरगाह में आकर कलाम सुनाते हैं। जनाब इरशाद आलम सदर अन्य लोगों की सदारत में 11 बजे दिन में कुल हुआ। कुल से पहले दरगाह शरीफ को जाने वाली दोनों सड़कें जायरीनों से भरी थीं। यहां तक लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा था। उर्स पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं।
मौलाना मुहम्मद हाशिम अशरफ़ी ने मुल्क और आलम इस्लाम की तरक़्क़ी ख़ुशहाली व हरियाली के लिए जब हाथ उठाए तो हर तरफ़ आमीन-आमीन की सदाएँ गूँजने लगीं और सभी की आँखें अश्कबार हो गईं। उन्होंने मुल्क में अमनों- अमान, ख़ुशहाली, हरियाली, मोहब्बत, नफ़रतों के ख़ात्मे, ज़ुल्म के ख़ात्मे, कसूरों के जेल से रिहाई, मज़हबी मक़ामात की हिफ़ाज़त के लिए दुआ की और गुनाहों से बचने और सच्ची तौबा करने की भी तलक़ीन की। ख़ास तौर पर शराबनोशी, जुआबाज़ी, हरामकारी, ग़ीबत, चुग़ली, हसद, दीगर बुरे कामों का एहसास कराते हुए एक मिनट के लिए सबको मौक़ा देकर संकल्प लेने को कहा। कहा कि अगर किसी से गुनाह सरज़द हो गया हो तो अल्लाह तआला की बारगाह में सच्ची तौबा करें और आइंदा गुनाह न करने का पक्का इरादा करें। दुआ में लोग हिचकियाँ बाँध कर रोने लगे और फ़िरक़ापरस्ती व दहशतगर्दी की पुरज़ोर मज़म्मत की गई। उन्होंने कहा कि जिस तरह अपने मुसलमान भाइयों के साथ मोहब्बत और अच्छे अख़लाक़ से पेश आते हैं, इसी तरह हिंदुस्तानी भाई के साथ भी अच्छे अख़लाक़ से पेश आएं और सबके साथ मोहब्बत, हमदर्दी और नरमी का बरताव करें।
दरगाह कमेटी के सदर व सरपरस्त इरशाद आलम साहब की तरफ़ से ज़िला इंतज़ामिया, बिजली विभाग, नगर निगम, जल निगम लाखों ज़ायरीन का शुक्रिया अदा किया। क़ुल शरीफ़ में क़ारी मुहम्मद अहमद अशरफ़ी, क़ारी इक़बाल बेग, क़ारी मुहम्मद अली अशरफ़ी, हाफ़िज़ ज़ियाउल हक़, क़ारी ज़ाहिर अहमद, क़ारी हाफ़िज़ मिन्हाजुद्दीन, हाफ़िज़ मुहम्मद अरशद अशरफ़ी, हाफ़िज़ सुभान अल्लाह ने क़ुरआन पाक की तिलावत की।
इस मौक़े पर बतौर ख़ास मुफ़्ती साक़िब अदीब क़ाज़ी शहर कानपुर, हाजी अहमद, हाजी शबाब अहमद, हाजी सय्यद खुर्शीद आलम, विधायक कैंट हाजी हसन रूमी, विधायक अमिताभ बाजपई, पूर्व विधायक इरफान सोलंकी, फ़ज़ल महमूद, शान महताब आलम, इम्तियाज़ करीम उर्फ़ मुन्नू बिहारी, शहज़ाद अहमद, हाफ़िज़ अब्दुर्रहीम, हाजी मुहम्मद रफ़ीक़ उर्फ़ मुंशी समेत लाखों ज़ायरीन मौजूद रहे। उधर, कांवड़ यात्रा शांति से निकलने पर नागरिक सुरक्षा मंच के अनवार हुसैन आदि

उर्स-के-दौरान-शांति-से-निकाली-गई-कांवड़-यात्रा।
ने पुलिस अफसरों को पौधा देकर सम्मानित किया।




