मिर्जापुर : कुस्ती दंगल प्रतियोगिता में पहलवानों ने आजमाया दांव

तारा त्रिपाठी/मीरजापुर। अहरौरा स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री ठाकुर जी के तीन दिवसीय ऐतिहासिक मेला के अवसर पर पहले दिन उनका भव्य रथ बड़े हर्षोल्लास के साथ निकाला गया ।भगवान श्रीकृष्ण व राधिका जी रथ पर सवार होकर पूरे नगर का भ्रमण करते हुए देर रात दुर्गा जी पहाड़ पर पहुंचे। पहाड़ पर स्थित कदम्ब के वृक्ष के नीचे विराजमान हुए। वहीं पर भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान में रातभर कजली दंगल का आयोजन हुआ। भक्त गण रातभर मीरजापुर की प्रसिद्ध कजली की धुन में भाव-विभोर रहे। इसके पहले यह रथ शाम चार बजे राधाकृष्ण मंदिर से फूल-मालाओं से सज-धज कर निकला। पुजारी अरविंद कुमार मिश्र ने बड़े विधि-विधान से भगवान श्री कृष्ण राधिका की पूजा अर्चना की और आरती उतारे। तत्पश्चात यह रथ नगर के प्रमुख मार्ग सत्यानगंज, चौक बाजार, तकिया, खरंजा, सम्मेतर, त्रीमुहानी और दक्षिणी नाका होते हुए देर रात दुर्गा जी पहाड़ पर पहुंचा ।नगर के भक्त गण जगह-जगह पर रथ को रोक कर माला-फूल चढ़ाये, आरती उतारे और प्रसाद चढ़ाये। रास्ते भर लोग वृन्दावन बिहारी लाल की जय का उद्घघोष करते रहे और रथ को खींच कर आगे बढ़ाते रहे।कहावत के अनुसार कि रथ खींचने से पुण्य की प्रप्ति होती है। ऐसे अवसर से कोई भी चूकना नहीं चाह रहा था। पूरे नगर में खिलौने, माला-फूल, व चढ़ाने वाले प्रसाद बेचे जा रहे थे। बच्चों में काफी उत्साह देखा गया। परम्परानुसार आज दूसरे दिन अहरौरा बांध पर स्थित प्रकृतिक स्टेडियम में पचासो हजार की भीड़ वाला कुस्ती दंगल का आयोजन हुआ। एक से बढ़कर एक पहलवानों ने अपने दांव आजमाये। सबसे बड़ी कुस्ती दस हजार की हुई। नाहर सिंह और जयप्रकाश ऊर्फ लटकू पहलवान ने रेफरी की भूमिका निभाई। स्थल कमेटी के राजकुमार अग्रहरी, पारस नाथ केशरी, अशोक अग्रहरी, विजय अग्रहरी सुरेश जायसवाल पूरे समय तक दंगल में उपस्थित रहे और पुरस्कार वितरण करते रहे। दोपहर दो बजे के बाद श्री ठाकुर जी का रथ आरती के बाद पहाड़ पर से चलकर दंगल स्थल पर पहुंचा जहां घंटों रुककर श्री ठाकुर जी ने दंगल का अवलोकन किया। यह रथ वहां से चलकर बनवारी सिंह के आवास पर पहुंचा। यहां बड़े ही भाव से श्री ठाकुर जी के सम्मान में नाच गाना हुआ। काफी समय तक यहां रुकने के बाद रात दस बजे यह श्री ठाकुर जी का रथ परम्परानुसार कन्हैयालाल के गोले पहुचा जहां रातभर विश्राम के बाद कल तीसरे दिन यही रथ साहु बैजनाथ प्रसाद के आवास पर पहुचेगा।



