देवरिया : रूसी मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले अभिषेक निषाद के शव डीएनए जांच के बाद भारत आयेगा

असगर अली, ब्यूरो चीफ/देवरिया। जनपद में यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास रूसी मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले सीमैन अभिषेक निषाद के शव की पहचान के लिए डीएनए जांच कराई जा रही है। विदेश मंत्रालय के निर्देश पर बुधवार को उनके पिता कौशल निषाद का डीएनए सैंपल लिया गया, जिसे जांच के लिए दिल्ली भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही शव को भारत लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। गौरीबाजार थाना क्षेत्र के करमेल गांव निवासी 22 वर्षीय अभिषेक निषाद मालवाहक जहाज गोल्डन लियो पर सीमैन के रूप में कार्यरत थे। वह 10 जुलाई को वाराणसी से मुंबई पहुंचे थे और वहां से तुर्कि होते हुए 11 जुलाई को जहाज पर सवार हुए थे। 19 जुलाई को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के निकट जहाज पर ड्यूटी कर रहे थे तभी रूसी मिसाइलों के हमले में उनकी मृत्यु होगया था।विदेश मंत्रालय की सलाह पर देवरिया के एक निजी पैथलॉजी केंद्र में उनके पिता कौशल निषाद का डीएनए नमूना लिया गया। इसे जांच के लिए दिल्ली भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, रिपोर्ट लगभग एक सप्ताह में आने की संभावना है। डीएनए मिलान के बाद ही अभिषेक के शव की आधिकारिक पहचान पूरी मानी जाएगी। इसके बाद ही शव को भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। पिता कौशल निषाद ने बताया कि शिपिंग कंपनी के एजेंट ने उन्हें सूचित किया था कि हमले में मृत भारतीय क्रू सदस्यों के शव भीषण विस्फोट के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस वजह से सामान्य पहचान संभव नहीं थी, जिसके चलते विदेश मंत्रालय ने डीएनए परीक्षण कराने का निर्णय लिया। इधर, करमेल गांव में तीसरे दिन भी शोक का माहौल बना हुआ है। मां अनीता देवी और परिवार के अन्य सदस्य बेटे के पार्थिव शरीर के भारत आने का इंतजार कर रहे हैं। गांव में लगातार लोगों का आना-जाना लगा है और हर कोई परिजनों को ढांढस बंधा रहा है।बांसगांव के सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने बताया कि केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह और पबित्रा मार्गेरिटा ने संबंधित शव की पहचान होने की जानकारी दी है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि औपचारिक पुष्टि डीएनए जांच के बाद ही की जाएगी। कमलेश पासवान ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध की मौजूदा परिस्थितियों के कारण पूरी प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है। भारत सरकार विदेश मंत्रालय के माध्यम से लगातार संबंधित एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है, ताकि सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर परिजनों को सही जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रही है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।




