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International News भारतीय टॉप गाइडेंस से निखरेंगी श्रीलंकाई टेक कंपनियां

कोलंबो। भारत और श्रीलंका के बीच डिजिटल और तकनीकी सहयोग को एक नई ऐतिहासिक ऊंचाई देते हुए कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में श्रीलंका के उभरते हुए तकनीकी लघु एवं मध्यम उद्योगों (टेक एसएमई) के विकास के लिए नैसकॉम के खास टेक एसएमई मेंटरशिप प्रोग्राम ‘दिशा’ को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया। इस लॉन्च के साथ ही श्रीलंका भारत के बाहर पहला देश है, जहां नैसकॉम द्वारा यह प्रोग्राम लॉन्च किया जा रहा है। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक बयान में कहा दिशा प्रोग्राम नैसकॉम एसएमई काउंसिल की एक व्यवस्थित और असरदार पहल है, जिसे एसएमई टेक एंटरप्रेन्योर्स को रणनीतिक बिज़नेस गाइडेंस, संगठनात्मक दिशा-निर्देश और विकास के लिए काम की जानकारी देकर मदद करने के लिए बनाया गया है।उच्चायोग ने कहा कार्यक्रम की शुरुआत नैसकॉम के प्रेसिडेंट राजेश नाम्बियार के संबोधन से हुई, जिन्होंने भारत-श्रीलंका टेक पार्टनरशिप की मजबूती और एआई की दुनिया में मौजूद अपार संभावनाओं पर जोर दिया। भारत के हाई कमिश्नर संतोष झा ने अपने संबोधन में टेक्नोलॉजी सेक्टर में भारत के साथ मजबूत पार्टनरशिप बनाने के प्रति श्रीलंकाई इंडस्ट्री लीडर्स की प्रतिबद्धता की सराहना की। श्रीलंका के डिजिटल इकोनॉमी के डिप्टी मिनिस्टर एरंगा वीरा रत्ने ने श्रीलंकाई टेक एसएमई के लिए यह मेंटरशिप प्रोग्राम शुरू करने के नैसकॉम के प्रयासों की तारीफ की और इस पार्टनरशिप के लिए श्रीलंका सरकार के समर्थन का भरोसा दिलाया।

लॉन्च के बाद टेक्नोलॉजी, पार्टनरशिप और एआई के विषय पर एक पैनल चर्चा हुई, जिसमें श्रीलंका और भारत के जाने-माने फाउंडर्स और सीईओ शामिल हुए। दिशा कार्यक्रम के पहले चरण के लिए श्रीलंका की 48 टेक एसएमई कंपनियों का चयन किया गया है। नैसकॉम एसएमई काउंसिल द्वारा तैयार इस कार्यक्रम के तहत इन चुनिंदा टेक उद्यमियों को भारतीय उद्योग जगत के दिग्गजों से सीधा रणनीतिक बिजनेस मार्गदर्शन, संगठनात्मक दिशा और विकास से जुड़े व्यावहारिक सुझाव मिलेंगे। भारतीय आईटी और सॉफ्टवेयर कंपनियों के प्रमुख बिज़नेस चैंबर नैसकॉम के प्रेसिडेंट नाम्बियार की अगुवाई में भारतीय आईटी/टेक सीईओ का एक हाई-लेवल डेलीगेशन 15-16 जुलाई 2026 को कोलंबो के दौरे पर गया था। बता दें कि भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’  नीति के तहत विभिन्न क्षेत्रों में श्रीलंका की निरंतर मदद करता रहता है। अब भारत द्वारा शुरू की गई यह पहल श्रीलंका के आईटी इकोसिस्टम के लिए मील का पत्थर साबित होती प्रतीत हो रही है।

(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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