गौ माता को राज माता का दर्जा मिले, इसकी प्रार्थना के साथ आज दोपहर एक बजे निकलेगी जगन्नाथ जी की रथ यात्रा

लखनऊः श्री श्री भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा समिति कुर्मी टोला मकबूल गंज निकट सुंदर बाग पोस्ट ऑफिस लाल कुआं लखनऊ के तत्वाधान में गौ माता को राज माता दर्जा का दर्जा मिले की प्रार्थना के साथ आज धूमधाम से निकलेगी भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा। कार्यक्रम के संयोजक मनीष कुमार एडवोकेट ने बताया कि श्री धाम वृंदावन से आए लालू जी ने हरिनाम कीर्तन और गौ सेवा के उपरांत श्रद्धालु भक्तो को 11 बार राधा नाम जपा कर सामूहिक प्रार्थना करवाई कि उत्तर प्रदेश में गौ माता को राज माता का दर्जा मिले।
आज देशभर में भगवान जगन्नाथ की पवित्र रथ यात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली जाएगी। मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। यात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए हैं।
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आज देश के विभिन्न शहरों और कस्बों में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकाली जाएगी। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की प्रतिमाओं को सुसज्जित रथों पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया जाएगा।
रथ यात्रा में हजारों श्रद्धालु रथ की रस्सी खींचकर स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के रथ का दर्शन और रथ को खींचने से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। यात्रा के मार्ग पर भजन-कीर्तन, पुष्पवर्षा और प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई है।
देश के कई प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं, यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवी संगठन मुस्तैद हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं तथा यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष रूट प्लान लागू किया गया है।
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, सेवा, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ इस पावन पर्व में भाग लेते हैं। भगवान जगन्नाथ के रथ का दर्शन और रथ को खींचने से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। यात्रा के मार्ग पर भजन-कीर्तन, पुष्पवर्षा और प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई है।
देश के कई प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं, यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवी संगठन मुस्तैद हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं तथा यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष रूट प्लान लागू किया गया है।



