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राज्य नई दिल्ली

श्रीराम सेंटर दिल्ली में ‘सम्राट अशोक’  का बेहतरीन मंचन

दिल्ली (ब्यूरो) । सांस्कृतिक केंद्र मंडी हाउस के चर्चित श्रीराम सेंटर ऑडिटोरियम में दिल्ली की रंग संस्था बाबू शिवजी राय फाउंडेशन ने नाटक ‘सम्राट अशोक’ का सफल मंचन किया। नाटक की कहानी सिकंदर के आक्रमण से अशोक के मगध का सम्राट बनने, कलिंग युद्ध के नरसंहार के बाद चंडाशोक की उपाधि पाने और बाद में बौद्ध के शरण में जा कर धम्माशोक हो जाने और फिर धम्माशोक के रूप में शासन चलाने की कथा है। चालीस कलाकारों के साथ बाइस दृश्यों के बड़े कैनवास का नाटक ‘सम्राट अशोक’ ने किया दर्शकों को प्रभावित।इस नाटक में दिखाया गया कि मगध के सम्राट अशोक ने कैसे साम्राज्य के विस्तार, राष्ट्र की अवधारणा को सशक्त किया और मगध को सुरक्षित किया। मगध की राजधानी पाटलिपुत्र से एक व्यापक कल्याणकारी राज्य की स्थापना की जो अहिंसा, सहअस्तित्व, दया और जन कल्याण अर केंद्रित था।  भारत को प्रेम करुणा, उन्नति और न्याय वाले सिंह आकृति का अशोक स्तंभ दिया। करुणा के मार्ग पर चल विजय होने का सूत्र दिया। नाटक का लेखन और निर्देशन  चर्चित रंग प्रशिक्षक कुमार वीर भूषण ने किया। अभिनय के कलाकारों में मोनिदीप कंजीलाल (अशोक), कपिल मलहोत्रा ( बिंदुसार), दीपक गुर्वे (दीपवर्धन और महानायक) मानसी ब्रार (शीला) निताशा कुमारी (सुभद्रांग) कशिश राय (देवी भगवती शाक्य कुमारी) आकांक्षा  गुप्ता (कलिंग राजकुमारी प्रभा) सत्यम झा ( सूत्रधार एक और कलिंग युवराज देवेंद्र) सौम्या कुमार(सूत्रधार दो) कलिंग वासी  (आकृति जायसवाल) मानस झा (बीताशोक) दर्शकों को अपने अभिनय से प्रभावित किया। अन्य कलाकारों में  कुलदीप सिंह (युवराज सुमन) आकृष्ट गाेयल (तीष्ण) अविनाश झा (विजय केतु) संदीप कुमार ( राधागुप्त)  शिव शंकर ( सैनिक और विद्रोही) शिवम कुमार (दूत और विद्रोही) रुद्रांश कपूर (विद्रोही और बाल महेंद्र)  शिखर तिवारी ( विद्रोही)  अंजू सिंह (रानी) और अविषेक भट्ट ( वैद्यु) ने चरित्र के साथ न्याय किया। नाटक में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा थे, उन्होंने पूरा नाटक देखा और कलाकारों को मंच से सम्मानित भी किया। नाटक के सहायक निर्देशक नीलू शर्मा, प्रकाश परिकल्पक रितेश कुमार, ध्वनि संयोजक नवीन भारद्वाज, संगीत संयोजिका आकृति जायसवाल, सेट डिजाइनर अनिल पांडे, वस्त्र विन्यासक – अतुल ढींगड़ा और मंच संचालिका रिनी सिंह के साथ आयोजन समिति के रिजवान रज़ा, गीतांजलि चोपड़ा, दिलीप शर्मा, सुमन कुमार सिंह, संजना तिवारी, दिशा मित्तल आदि का भी सक्रिय योगदान रहा।

 

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