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राजनीतिराज्य नई दिल्ली

अमेरिका के साथ ट्रेड डील से मिलेगी ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूतीः डॉ. जयशंकर

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील की घोषणा हो चुकी है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के फाइनल स्टेज में पहुंचने के साथ ही अमेरिका की ओर से भारतीय सामानों पर लगाए अतिरिक्त टैरिफ भी अब हटा दिए गए हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए खुद इसकी जानकारी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे आपसी फायदे वाला और विकास को बढ़ावा देने वाला बताया है। विदेश मंत्री जयशंकर अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे और इसके साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर भी विस्तृत बातचीत हुई। इन घटनाक्रमों के बाद ट्रेड डील की घोषणा की संभावनाएं जताई जा रही थी और जयशंकर के पहुंचने के कुछ घंटों के बाद ही राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा समझौते की घोषणा कर दी गई। ट्रेड डील की घोषणा के बाद पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा खुशी है कि अब मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स पर टैरिफ 18% कम हो जाएगा। इस शानदार घोषणा के लिए भारत के 1.4 अरब लोगों की तरफ से राष्ट्रपति ट्रंप को बहुत-बहुत धन्यवाद। जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी फायदे वाले सहयोग के लिए बहुत सारे मौके खुलते हैं।

डॉ. जयशंकर ने एक्स पर लिखा पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत के बाद द्विपक्षीय व्यापार पर हुई घोषणाओं का स्वागत है। इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में अधिक नौकरियां पैदा होंगी, विकास को बढ़ावा मिलेगा और इनोवेशन बढ़ेगा। यह ‘मेक इन इंडिया’ की कोशिशों को मजबूत करेगा और भरोसेमंद टेक्नोलॉजी संबंधों को बढ़ावा देगा। हमारे आर्थिक सहयोग में मौके सच में बहुत बड़े हैं और हमें उन्हें हासिल करने का पूरा भरोसा है। बता दें कि अब भारत पर टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। भारत पर रूसी तेल खरीदने के लिए लगाया गया 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ भी हटाया जा रहा है। एक आधिकारिक घोषणा के अनुसार जयशंकर अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो की ओर से आयोजित महत्वपूर्ण खनिज मंत्रिस्तरीय बैठक में भी हिस्सा लेंगे। इस बैठक में भागीदार देश सप्लाई चेन लचीलेपन और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा करेंगे। द्विपक्षीय बातचीत में क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों सहित कई मुद्दों की समीक्षा होने की उम्मीद है। इनमें यूक्रेन में युद्ध से संबंधित घटनाक्रम और मध्य पूर्व की स्थिति, साथ ही आर्थिक और रणनीतिक सहयोग शामिल हैं।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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