जंतर-मंतर से सांसद चंद्रशेखर ने केंद्र सरकार को ललकारा
नौजवान अंगडाई लेता है तो बदल जाता है निजाम, 20 जुलाई को कॉक्रोचों के संसद कूच का भी समर्थन किया
कानपुर। नीट समेत एक दर्जन से अधिक परीक्षाओं के पेपर लीक होने और 15 से अधिक छात्र-छात्राओं के आत्महत्या के विरोध में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफे की मांग पर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 16 दिनों से चल रहे अनशन और भूख हड़ताल को मीडिया का भले समर्थन न मिल रहा हो लेकिन सत्ताधारी दलों के अलावा सभी दलों और समाजसेवियों का समर्थन मिल रहा है। पर्यावरण विद्य सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को देखकर उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की अपील कर रहा है। बुधवार को नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद भी अपना समर्थन करने पहुंचे। उनका कहना है कि आंधी-बारिश और तूफान में अनशन पर डटे हैं। अनशनकारियों को बदनाम करने के लिए तरह-तरह

के अभियान चलाए जाते हैं।
सांसद ने कहा कि आंदोलन में जो बैठे हैं उनका धन्यवाद करते हैं। पिछले लंबे समय से लड़ रहे हैं। जो नहीं भी सुनना, देखना और बोलना चाहता है उसे भी सुनना, बोलना और देखना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सोनम जी ने कई लड़ाई लडी है। लोगों को जागरूक करने का काम किया है। अपनी जान को दांव में लगाकर बैठे हैं। अब ज्यादा दिन सत्ता दल वालों की डिक्टेटरशिप चलने वाली नहीं है।
श्री आजाद ने कहा कि नौजवान जब जब अंगडाई लेता है तो निजाम बदल जाता है। यह लड़ाई किसी दल की नहीं बल्कि भारत को बदलने की लड़ाई है। जो लोग चुप हैं, उनको भी देश देख रहा है। उनको भी बिना वजह जेल में डाला गया था। इससे काम नहीं चला तो गोली भी खानी पड़ी। हमने लोकसभा में शपथ संविधान की ली है। यह देश आंदोलन से ही आगे बढ़ा है। जो अंग्रेजों के रास्ते पर चलेगा उसके भी पैर ऐसे आंदोलन उखाड़ देंगे। उन्होंने कहा कि 20 को संसद कूच होगा। अगर वागचुक को कुछ होगा तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। यह आंदोलन युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए है। उन्होंने आंदोलन को और ब़ड़ा करने का आह्वान किया। सांसद ने सोनम वांगचुक का हालचाल भी लिया।
स्टैंडअप कमेडियन कुनाल कामरा भी मंच पर मौजूद रहे। 16 दिन से चल रहे इस आंदोलन को विदेशी मीडिया तो अपने यहां जगह दे रहा है लेकिन देश का प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया ने चुप्पी साध रखी है।
इस आंदोलन को कांग्रेस, राजद, सपा, आम आदमी पार्टी, शिवसेना उधव ठाकरे गुट समेत तमाम वरिष्ठ अधिवक्ताओं, समाजसेवियों, गैर राजनीतिक दलों का समर्थन मिल रहा है। इस आंदोलन के सूत्रधार अभिजीत दीपके भी लगातार आंदोलन का संलाचन कर रहे हैं।
20 जुलाई को संसद कूच करेंगे कॉक्रोच
संसद का मानसून सत्र 19 जुलाई से शुरू होगा। इस संसद सत्र में काफी हंगामा होने के आसार हैं। क्योंकि विपक्ष के पास राम मंदिर में चंदा चोरी, नीट परीक्षा लीक, विदेश नीति, पेट्रोलियम पद्धार्थों की मूल्यवृद्धि, सांसदों की खरीद फरोख्त, ईडी, सीबीआई, चुनाव आयोग का दुरुपयोग आदि मुद्दे हैं। इस बीच कॉक्रोच जनता पार्टी के मुखिया अभिजीत दीपके ने 20 जुलाई को संसद कूच करने का ऐलान कर दिया है। अब देखना होगा कि दिल्ली पुलिस इसके लिए क्या रणनीति बनाती है। आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से निकलने भी दिया जाएगा या नहीं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया
सोनम वांगचुक की अनशन से हालत बिगड़ने पर हाईकोर्ट में डाली गई याचिका पर भी बुधवार को सुनवाई हुई। इस पर कोर्ट ने दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।



