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उत्तर प्रदेशकानपुरक्राइम

कानपुर में दिल्ली – प्रयागराज रेल रूट पर सिलेंडर ब्लास्ट

टला बड़ा हादसा, मौके पर बरामद हुआ दस्तावेज

राजेश महाजन/कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से 2 किलोमीटर दूर दिल्ली-प्रयागराज रेलवे रूट पर एक छोटे 5 किलो क्षमता वाले एलपीजी सिलेंडर के फटने से बुधवार रात को इलाके में हड़कंप मच गया।विस्फोट की तेज आवाज से आसपास के लोग दहशत में आ गए।घटना की जानकारी के बाद पुलिस,आरपीएफ और क्राइम ब्रांच की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह सिलेंडर किसी ट्रेन खासकर महाबोधि एक्सप्रेस से गैस लीक होने या अन्य कारण से फेंका गया था, जिसके बाद ट्रैक पर गिरकर फट गया।

घटना के दौरान रेलवे ट्रैक के पास एक बैग पड़ा मिला।बैग में कपड़े,बर्तन,एक मोबाइल फोन और आधार कार्ड बरामद हुआ।यह आधार कार्ड प्रतापगढ़ जिले के ओम प्रकाश मिश्रा का बताया जा रहा है।पुलिस ने इस आधार पर यात्री की पहचान और तलाश शुरू कर दी है।जांचकर्ताओं का मानना है कि यह बैग संभवतः उसी व्यक्ति का है,जिसने सिलेंडर ट्रेन से फेंका या जिसके पास यह था। फिलहाल ओम प्रकाश मिश्रा का पता लगाने के लिए प्रतापगढ़ पुलिस से संपर्क किया जा रहा है और उनके परिजनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास के इलाकों में इसके फटने की आवाज सुनाई दी, लोग घरों से बाहर निकल आए।गनीमत रही इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ,लेकिन अगर सिलेंडर किसी चलती ट्रेन के नीचे आ जाता या अधिक गैस से भरा होता, तो बड़ा रेल हादसा हो सकता था।आरपीएफ ने मौके से क्षतिग्रस्त सिलेंडर और बैग को जब्त कर लिया है। फॉरेंसिक टीम भी जांच में शामिल है ताकि विस्फोट के सटीक कारण और सिलेंडर की स्थिति का पता लगाया जा सके। यह घटना कानपुर रेलवे क्षेत्र में हाल के महीनों में ट्रैक पर सिलेंडर मिलने या रखे जाने की घटनाओं की श्रृंखला में एक और कड़ी है।इससे पहले भी कई बार ट्रेनों के नीचे सिलेंडर आने से हादसे टल गए थे,लेकिन इस बार सिलेंडर फट गया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ट्रेनों में सिलेंडर ले जाना प्रतिबंधित है और ऐसी किसी भी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस और आरपीएफ ने संयुक्त रूप से जांच तेज कर दी है। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सिलेंडर किस ट्रेन से फेंका गया या कैसे ट्रैक पर पहुंचा। अगर यह किसी की शरारत या जानबूझकर की गई हरकत साबित होती है, तो इसे गंभीर अपराध माना जाएगा।फिलहाल डीसीपी ईस्ट सत्यजीत गुप्ता के अनुसार, मामले की गहनता से जांच की जा रही है। अगर किसी की साजिश होगी तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। प्रथम दृष्टया फिलहाल मामला लापरवाही का प्रतीत होता है, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। मौके पर जिस व्यक्ति के दस्तावेज मिले हैं उसके बेटे से फोन के जरिए बात की गई है, जिसके बाद व्यक्ति की पहचान ओम प्रकाश के रूप में हुई है।

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