वाराणसी : मोदी कैबिनेट में मिला बड़ा तोहफा, बनेंगे एलीवेटेड कॉरिडोर

वाराणसी । पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में बुधवार को कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी। देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, तकनीक और कृषि क्षेत्र को ध्यान में रखकर सात ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। इनमें दो बड़े फैसले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के कायाकल्प से जुड़े हैं।बता दें कि वाराणसी को मोदी कैबिनेट ने करीब 25,445.96 करोड़ रुपए की लागत वाली दो बड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। वरुणा नदी के किनारे 10,998 करोड़ रुपए की लागत से 6/4 लेन एलीवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। गंगा नदी के किनारे 14,448 करोड़ रुपए की लागत से एक 6 लेन एलीवेटेड कॉरिडोर का निर्माण होगा। इन कॉरिडोर से ट्रैफिक जाम की समस्या हमेशा के लिए खत्म होगी और पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद वाराणसी में यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।शहर के भीतर और बाहरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी,जिससे श्रद्धालुओं,पर्यटकों, छात्रों और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।ये परियोजनाएं न केवल ट्रैफिक दबाव कम करेंगी, बल्कि वाराणसी को पूर्वांचल के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र के रूप में और मजबूत बनाएंगी।
गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर गंगा नदी के समानांतर बनने वाली छह लेन की एलिवेटेड रोड होगी। यह लगभग 46 किलोमीटर लंबा 6 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। यह नेशनल हाईवे 19 (NH-19) को सीधे वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा। इससे अस्सी घाट, मणि- कर्णिका घाट, नमो घाट और काशी विश्वनाथ धाम तक श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की पहुंच आसान हो जाएगी। इस कॉरिडोर से समय 60 मिनट से घटकर 20 मिनट रह जाएगा।इसके अलावा चिप और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने के लिए मोदी कैबिनेट ने दो फैसले लिए है। मोदी कैबिनेट ने 1,27,500 करोड़ रुपए के बजट के साथ सेमीकॉन 2.0 को मंजूरी दी है। मोबाइल निर्माण में भारत की बादशाहत मजबूत करने के लिए 62,500 करोड़ रुपए की नई प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई है। भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी दो महत्वपूर्ण स्वीकृतियां दी गई हैं। पारादीप-हरिदासपुर रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए 2,542 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। डांगोआपोसी-राजखरसावां रूट पर चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए 1,365 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी दी गई है, जिससे माल ढुलाई और यात्री ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी।



