शानो-शौकत से निकाला बदर अली के अलम का जुलूस
पूरे शहर में गश्त करने के बाद जुलूस बिसाती कब्रिस्तान पर जाकर समाप्त हुआ, जुलूस में अमल के साथ ही हाथी और घोड़े भी रहे, 158 साल से शहर में निकल रहा है अलम का जुलूस, जुलूस के रास्तों में जगह-जगह सबीलें लगाई गईं
कानपुर। मोहर्रम की दो तारीख को शहर में बदर अली के अलम का जुलूस बिसातियों की कब्रिस्तान चुन्नीगंज के पास से निकाला गया। यह जुलूस 158 साल पुराना है।
यह जुलूस चूड़ी मोहाल, मीनामल शिवाला, कर्नलगंज, छोटेमियां हाता, बेकनगंज, चमनगंज, इफ्तिखाराबाद, बांसमण्डी, कुली बाजार, मूलगंज, रोटी वाली गली, पेंचबाग, तलाक महल से गश्त करता हुआ देर रात वापस बिसाती कब्रिस्तान के सामने पहुंचकर समाप्त हुआ। जुलूस में दर्जनों अलम के साथ काले झण्डे भी थे। इसके अलावा कुछ ऊंट और घोड़े मोहर्रमी रंगों से सजे चल रहे थे। बिरयानी और शीरीनी व शर्बत का तबर्रुक रास्ते भर बांटा जा रहा था। कई ठेले भी सजे हुए चल रहे थे। महिलाओं ने अपने घरों से ही अलम देखे। इस दौरान काफी भीड़ रही। देर रात जुलूस गश्त के बाद बिसाती कब्रिस्तान पहुंचकर खत्म हुआ।
इस अवसर पर अख्तर सीतापूरी, डा. जुल्फिकार अली रिजवी, जवाज़ हैदर, आरिफ अब्बास रिज़वी, आसिफ़ अली रिज़वी, फुरकान हैदर रिज़वी, डॉ अयाज़ हैदर रिज़वी के अलावा हजारों अकीदतमन्द शामिल थे।
इसी तरह नगर के विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिस, मातम का सिलसिला सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक शुरू हो गया जिसमें इमामबाड़ा महल नवाब दूल्हानगर इमामबाड़ा हादी बेगम, इमामबाड़ा हकीम प्यारे साहब, इमामबाड़ा आगामीर मकबरा के अलावा शिया समुदाय के प्रत्येक घरों के इमामबाड़ों में मजलिसों मातम का सिलसिला जारी है जिसमें महिलाओं की मजलिसे भी देर रात तक जारी है। दूसरी तरफ अन्जुमन आबिदया के नेतृत्व में मछरिया कर्बला में अलम के जुलूस मातम करते हुए पहुचे जिसमें शहीदे आजम हजरत इमाम हुसैन को श्रद्धा सुमन अर्पित किए जा रहे थे। इसी तरह
छुप नहीं सकता किसी सूरत 72 का लहू
जाजमऊ स्थित मस्जिद अल्लाह हु अकबर आयोजित मजलिस में मौलाना सैयद अज़हर अब्बास ने हजरत मुस्लिम और जनाबे हुर की शहादत बयान की जिसे सुनकर हाज़रीन की आँखे अश्कबार हो गईं।
मजलिस से पहले हुसैनी शायर फुरकान कानपुरी ने यह अशआर पढ़कर बारगाह हुसैनी में नजराने अकीदत पेश किया- छुप नहीं सकता किसी सूरत 72 का लहू, पोंछ ले जितना भी कातिल अपने खंजर का लहू।
इस मौके पर कासिम अब्बास, नजरे आलम जाफरी, हाजी नसीर हसन रिज़वी, असिफ अब्बास, शराफत हुसैन, अनवार अहमद सज्जादी, आसिफ़ रिजवी, आमिर रिजवी, आदिल रिजवी डा.सैय्यद अयाज़ हैदर रिज़वी, शहनशाह हुसैन के अलावा फुरकान हैदर, कुमैल नमाजी, ताज मिर्जा, यूनुस रजा,, अफसर हुसैन, एहसान हुसैन आदि मौजूद थे।



