मुसीबत में ‘मसीहा’ भारत: वेनेजुएला में मलबे के बीच लौट रही सांसें

काराकास। भूकंप की विभीषिका झेल रहे वेनेजुएला के लोगों के लिए भारतीय सेना के डॉक्टर इस समय किसी मसीहा की तरह बनकर उभरे हैं। मलबे के ढेर और ढह चुकी इमारतों के बीच, भारतीय सेना की जांबाज मेडिकल टास्क फोर्स ने राजधानी काराकास में चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाला अत्याधुनिक फील्ड अस्पताल स्थापित कर लिया है। जहां स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं, वहीं भारतीय सैन्य डॉक्टर मलबे से निकाले जा रहे मरणसन्न और गंभीर रूप से घायल पीड़ितों की आपातकालीन ट्रॉमा सर्जरी, जटिल ऑपरेशन और जीवनरक्षक इलाज कर रहे हैं। तबाही और अपनों को खोने के गम के बीच, यह सैन्य अस्पताल भूकंप पीड़ितों के लिए जिंदगी की नई उम्मीद और संजीवनी साबित हो रहा है। अपनों को मौत के मुंह से वापस आते देख मरीजों के परिजन भारतीय सेना की मेडिकल टीम की सेवा भावना और त्वरित इलाज की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और वेनेजुएला में स्थित भारतीय दूतावास ने अपने ‘एक्स’ हैंडल से ऐसी वीडियो और तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें भारतीय डॉक्टरों की इस निस्वार्थ सेवा के लिए स्थानीय लोग भावुक होकर भारत सरकार का आभार जता रहे हैं। विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जारी कुछ वीडियो में स्थानीय लोग भारतीय सेना को गले लगाते और ‘ग्रेशियास इंडिया’ (शुक्रिया भारत) कहते नजर आ रहे हैं। वेनेजुएला के उप-स्वास्थ्य मंत्री ने भी इस सैन्य अस्पताल का दौरा कर भारतीय डॉक्टरों के अनुशासन और दक्षता की सराहना की है। वेनेजुएला स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर लिखा ऑपरेशन अमिस्ताद’ के तहत भारतीय फील्ड हॉस्पिटल पूरी तरह से काम कर रहा है। मुश्किल समय में वेनेजुएला के लोगों की मदद के लिए भारत आगे आया है। इस अत्यंत चुनौतीपूर्ण अभियान को अंजाम देने के लिए भारत से ’60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल’ की 41 सदस्यीय विशेषज्ञ मेडिकल टीम यहां तैनात की गई है। यह अस्थाई सैन्य अस्पताल अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस है, जिसमें ‘आरोग्य मैत्री’ परियोजना के तहत तैयार दो स्वदेशी पोर्टेबल मोबाइल अस्पताल ‘भीष्म क्यूब’ भी शामिल हैं। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में हाल ही में आए विनाशकारी भूकंप (7.2 और 7.5 तीव्रता) के बाद चारों तरफ मलबे और तबाही का मंजर है। भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक 1,400 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और हजारों गंभीर रूप से घायल हैं। संकट की इस अत्यंत कठिन घड़ी में भारत सरकार ने हमेशा की तरह ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभाते हुए मानवता और वैश्विक मित्रता की मिसाल पेश की है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)




