वाराणसी : टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एनसीसी कैडेट्स ने दी जागरूकता का संदेश

वाराणसी। वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट, वाराणसी की 28 यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी की कैडेट्स ने टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को क्षय रोग (टीबी) से बचाव, पहचान, उपचार और रोकथाम के प्रति जागरूक किया। कैडेट्स ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समाज में यह संदेश दिया कि सामूहिक जागरूकता और समय पर उपचार के जरिए टीबी को हराया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान एनसीसी कैडेट्स ने नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन आदिकेशव घाट पर करते हुए लोगों को टीबी के लक्षणों, इसके प्रति बरती जाने वाली सावधानियों तथा नियमित उपचार के महत्व की जानकारी दी। कैडेट्स ने आमजन से अपील की कि टीबी को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों और झिझक को दूर करें तथा किसी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उसे चिकित्सकीय जांच और उचित उपचार के लिए प्रेरित करें।कैडेट्स ने अपने संदेश में बताया कि लगातार खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना, कमजोरी और भूख में कमी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीमारी की समय पर पहचान और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पूरा उपचार बेहद आवश्यक है। टीबी का इलाज संभव है और रोगी को समाज से अलग करने के बजाय उसका सहयोग और मनोबल बढ़ाना चाहिए। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. अलका सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी केवल अनुशासन और प्रशिक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराने वाला महत्वपूर्ण मंच भी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने में युवा शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। छात्राएं स्वयं जागरूक होकर अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी टीबी के प्रति जागरूक करें।
एनसीसी की एएनओ लेफ्टिनेंट डॉ. विभा सिंह ने भी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी कैडेट्स समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि टीबी केवल स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि इसके प्रति जागरूकता की कमी भी एक बड़ी चुनौती है। इसलिए प्रत्येक कैडेट का दायित्व है कि वह सही जानकारी लोगों तक पहुंचाए और बीमारी से जुड़े भ्रम तथा भेदभाव को समाप्त करने में सहयोग करे। अभियान के दौरान एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए लोगों से संवाद किया और उन्हें टीबी से संबंधित आवश्यक जानकारी दी। कैडेट्स ने लोगों को बताया कि टीबी के लक्षणों को छिपाने या बीमारी को लेकर शर्म महसूस करने के बजाय समय पर स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। उन्होंने यह भी संदेश दिया कि टीबी से पीड़ित व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उसे उपचार पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। कैडेट्स ने “टीबी मुक्त भारत” के लक्ष्य को सफल बनाने के लिए सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि परिवार, विद्यालय, महाविद्यालय और समाज मिलकर जागरूकता अभियान चलाएं तो टीबी की रोकथाम और नियंत्रण में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की जा सकती है। कार्यक्रम एनसीसी कैडेट सीनियर अंडर ऑफिसर वसुंधरा बिष्ट, अंडर ऑफिसर सौम्य झा, दिव्या सिंह, अनुष्का सिंह, हर्षिता मांडले, खुशी माथुर, काजल कुमारी सहित सभी कैडेट्स की टीबी मुक्त भारत अभियान को सक्रिय बनाने में भागीदारी रही , लोगों को जागरूक करने तथा जरूरतमंदों को उचित उपचार के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। अभियान तहत यह संदेश दिया कि टीबी के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं ने स्पष्ट संदेश दिया ।



