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विदेश

यमन में भारतीय दूतावास का सफल ऑपरेशन, 12 नाविकों की वतन वापसी

अदन/रियाद। युद्धग्रस्त यमन से एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय विदेश मंत्रालय और खाड़ी क्षेत्र में स्थित भारतीय दूतावासों के कूटनीतिक समन्वय से यमन में फंसे ‘एमएसवी फ़ैज़ नूर ओलिया’ जहाज़ के 12 भारतीय क्रू सदस्यों को सफलतापूर्वक सुरक्षित निकाल लिया गया है। संकट के बीच फंसे भारतीय नागरिकों को यमन के अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भारत के लिए सुरक्षित रवाना कर दिया गया है। यमन में भारतीय दूतावास (रियाद स्थित भारतीय दूतावास द्वारा संचालित) ने ‘एक्स’ पर लिखा यमन के अधिकारियों के साथ मिलकर, भारत के दूतावास ने एमएसवी फ़ैज़ नूर ओलिया के 12 क्रू सदस्यों को सफलतापूर्वक वापस लाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। क्रू सदस्य आज सुबह अदन एयरपोर्ट से भारत के लिए रवाना हो गए। हम सहयोग के लिए यमन के अधिकारियों का धन्यवाद करते हैं और क्रू सदस्यों की भारत वापसी की यात्रा सुरक्षित और आरामदायक हो, इसकी कामना करते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारत के झंडे वाला यह व्यावसायिक जहाज़ हाल ही में यमन के तट के पास एक हमले की चपेट में आ गया था। जहाज़ पर हमले की सूचना मिलते ही नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्रालय और सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित भारतीय दूतावास तुरंत अलर्ट मोड पर आ गए थे। जहाज़ पर मौजूद तमाम भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार बेहद गंभीर थी और रियाद स्थित भारतीय दूतावास लगातार इस पूरी स्थिति, क्रू सदस्यों की सुरक्षा और उनकी तत्काल वापसी से जुड़ी स्थिति पर बेहद बारीकी से नज़र रख रहा था । यमन में सुरक्षा की कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने यमन प्रशासन के साथ उच्च स्तरीय कूटनीतिक तालमेल बैठाया, जिससे यह जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन सफल हुआ। हमले का शिकार हुए जहाज़ से सभी क्रू सदस्यों को न सिर्फ सुरक्षित निकाला गया, बल्कि अदन में उनके ठहरने, खाने-पीने और यात्रा से जुड़े सभी दस्तावेज़ों को भी तेजी से पूरा कराया गया। वतन वापसी की उड़ान भरते समय सभी क्रू सदस्यों ने भारत सरकार और दूतावास के अधिकारियों का तहे दिल से आभार जताया। यह सफल ऑपरेशन एक बार फिर साबित करता है कि दुनिया के किसी भी कोने में यदि कोई भारतीय नागरिक संकट में फंसता है, तो भारत की ‘संकटमोचक’ कूटनीति पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो जाती है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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