लाल इमली के टॉवर से घड़ी की सुइयां गायब होने पर अखिलेश ने कसा तंज
सोशल मीडिया में पोस्टर कर लिखा- सुई इसलिए गायब कर दी गई जिससे कि बंद पड़ी, ठहरी हुई मिल की ओर लोगों का ध्यान न जाए
कानपुर। कानपुर पहले देश का मैनचेस्टर कहा जाता था। यहां पर लाल इमली के अलावा भी कई मिलें थीं, जिनमें कपड़ा बनता था लेकिन धीरे-धीरे सरकारों की लापरवाही और भ्रष्टाचार की वजह से कानपुर मैनचेस्टर का तमगा खोता गया। सभी मिलें बंद पड़ी हैं। करीब एक दशक से बंद पड़ी लाल इमली के क्लॉक टॉवर में लगी घड़ी की सुइयां गायब हो गईं। इस पर खबर की एक क्लिप को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी तंज कसा है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा राज में क्लॉक टॉवर की सुई इसलिए गायब कर दी गई जिससे कि बंद पड़ी, ठहरी हुई मिल की ओर लोगों का ध्यान न जाए। लाल इमली कभी कानपुर की ही नहीं देश की शान हुआ करती थी, अब वहां से मशीनों की नहीं बल्कि वहां के मजदूरों के कराहने की वीरानी आवाज़ आती है।
लाल इमली की तरफ से आने जाने वालों की नजर 5 जून को घड़ी पर पड़ी तो सुइयां नहीं दिखीं। इसकी चर्चा शुरू हुई तो मिल प्रबंधन ने कहा कि आंधी में गिर गईं होगीं। मिल में काम करने वालों का कहना है कि सुइयां सोने की लगती थीं। इसलिए चोरों की नजर रही होगी। चोरी का शक गहराया तो प्रबंधन ने मामले की जानकारी कपड़ा मंत्रालय को दी। कपड़ा मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर अखिलेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। अब देखना है कि टीम किस तरह जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी और सुइयां गायब करने वाले पकड़ में भी आएंगे।



