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चंदौली

हत्या के मामले में रेलवे लोको पायलट तथा शूटर को पुलिस ने किया गिरफ्तार

डेढ़ लाख की सुपारी देकर कराई गई थी मनोज कुमार की हत्या

चंदौली । जनपद के अलीनगर थाना क्षेत्र में हुए मनोज कुमार हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल की 15 घंटे तक लगातार मॉनिटरिंग और संयुक्त पुलिस टीमों की अथक मेहनत के बाद इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझ गई। मामले में हत्या की साजिश रचने वाले रेलवे के लोको पायलट कृष्ण भगवान सिंह तथा शूटर सूरज कुमार उर्फ राजेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार 6 जून 2026 को मनोज कुमार अपने घर से रोज की तरह काम पर निकले थे, लेकिन दोपहर में टड़िया-पटपरा मार्ग पर अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। घटना की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआत में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं होने और मृतक का घटनास्थल पर पहुंचने का कारण स्पष्ट न होने से पुलिस के सामने बड़ी चुनौती थी। जांच के दौरान घटनास्थल के पास मिली डायरी, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की गहन पड़ताल की गई। तकनीकी साक्ष्यों से पता चला कि घटना के समय मृतक के साथ एक अन्य व्यक्ति साइकिल से चल रहा था और पीछे एक संदिग्ध मोटरसाइकिल भी थी। सीडीआर के विश्लेषण से रेलवे के लोको पायलट कृष्ण भगवान सिंह पर शक गहराया, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने वर्ष 2020 में मनोज कुमार से तीन लाख रुपये ब्याज पर उधार लिए थे। समय के साथ ब्याज बढ़कर करीब सात लाख रुपये हो गया था। लगातार रुपये की मांग और निजी रंजिश के चलते उसने मनोज को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके लिए उसने बिहार निवासी भरत सिंह से संपर्क कर डेढ़ लाख रुपये की सुपारी तय की और शूटर सूरज उर्फ राजेश को साथ लेकर हत्या की साजिश रची।
योजना के तहत घटना वाले दिन कृष्ण भगवान सिंह ने दूसरे व्यक्ति के मोबाइल से मनोज कुमार को फोन कर रुपये देने के बहाने बुलाया। इसके बाद वह मनोज को साइकिल से सुनसान इलाके की ओर ले गया, जबकि पीछे से दोनों शूटर मोटरसाइकिल से पीछा कर रहे थे। पटपरा गांव के पास पहुंचते ही शूटरों ने पहले सिर में और फिर सीने में गोली मारकर मनोज की हत्या कर दी और बिहार की ओर फरार हो गए।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर शूटर सूरज उर्फ राजेश को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद करने के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त 32 बोर की पिस्टल, दो खोखा कारतूस और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। मामले में हत्या, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस शानदार कार्यवाही पर पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने पूरी पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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