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बलिया : साहित्यकार रामबहादुर राय की पुस्तक ‘आखिर मौन कब तक ? ‘हमार गाँव’ को मिलेगा साहित्य विभूषण सम्मान

बलिया। मुजफ्फरपुर के मुड़ियारी पंचायत के राम-जानकी मंदिर ट्रस्ट द्वारा 23 अप्रैल को “लोकधारा कवि सम्मेलन” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें चयनित साहित्यकारों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित साहित्यकारों को “साहित्य विभूषण सम्मान” से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। बलिया के हिन्दी और भोजपुरी के प्रसिद्ध साहित्यकार राम बहादुर राय को उनकी कालजयी पुस्तक ‘आखिर मौन कब तक?’ और ‘हमार गाँव’ के लिए साहित्य विभूषण सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। पेशे से शिक्षक, राय को साहित्य साधना विरासत में मिली है। वे प्रसिद्ध साहित्यकार विवेकी राय जी के करीबी रिश्तेदार हैं। राय ने अपने चयन को माँ शारदे की देन बताया। वहीं, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा को उनकी चर्चित पुस्तक ‘बिखरे रिश्ते’ के लिए साहित्य विभूषण सम्मान प्रदान किया जाएगा। डॉ. सिन्हा को वर्ष 2024 में राष्ट्रपति द्वारा स्मृति-पत्र एवं धनराशि देकर सम्मानित किया गया है।इसी तरह, अन्य लेखकों को उनके उत्कृष्ट लेखन के लिए सम्मानित किया जाएगा, जिनमें नेपाल के विजय किशोर पांडेय (नेपाली भाषा में रामायण और महाभारत के अनुवाद हेतु) तथा कोलकाता के प्रकाश प्रियाशु (भोजपुरी गीत शोध के लिए) का चयन किया गया है।इसके अतिरिक्त, हाजीपुर के डॉ. नद्धेश्वर सिंह, मुजफ्फरपुर के शिवेन्द्र गौतम, मुस्कान केशरी, सिवान के संजय कुमार यादव, दरभंगा के विनोद कुमार, पटना के सिद्धेश्वर, जयपुर की ललिता सिंह भोला, समस्तीपुर की अर्चना चौधरी, लखनऊ के अमित श्रीवास्तव, आजमगढ़ के अजय कुमार पांडेय, मधेपुरा के मुकेश पटेल सहित प्रीतम झा, डॉ. रेणु शर्मा, गौरव झा ‘राधेय’, देवघर के डी. एन. झा ‘दीपक’, पटना की डॉ. रजनी प्रभा, हाजीपुर के डॉ. सुधांशु चक्रवर्ती, लखनऊ के डॉ. राणा अवधूत कुमार तथा नवादा के डॉ. प्रणय कुमार को उनके कविता के रूप में योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।

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