
अजित पाण्डेय /वाराणसी। वैश्विक आध्यात्मिक गुरु और प्रख्यात मानवतावादी गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने आज वाराणसी प्रवास के दौरान बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई और रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित भव्य सत्संग के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्ग दर्शन दिया।
प्रमुख बिंदु: विश्व कल्याण हेतु प्रार्थना: मंगलवार पूर्वाह्न गुरुदेव ने काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में विधि-विधान से पूजन किया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने भोलेनाथ से प्रार्थना की है कि विश्व में शांति बनी रहे और हमारा देश भारत निरंतर तीव्र गति से विकास के पथ पर अग्रसर रहे।”आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव: मंदिर दर्शन के पश्चात गुरुदेव ने श्री विशालाक्षी मंदिर के भी दर्शन किए। यह स्थान उनके लिए विशेष भावनात्मक महत्व रखता है क्योंकि उनकी माता का नाम भी देवी विशालाक्षी के नाम पर था। इसके अतिरिक्त उन्होंने गंगेश्वर महादेव, कालभैरव मंदिर और ललिता घाट पर भी दर्शन-पूजन किया। मानसिक स्वास्थ्य और ध्यान पर जोर: शाम को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में 2000 से अधिक लोगों को संबोधित करते हुए गुरुदेव ने बढ़ती मानसिक समस्याओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को नियमित ध्यान और जप के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सामूहिक प्रार्थना और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जप से वातावरण में सकारात्मकता का संचार होता है। सत्संग का संदेश: गुरुदेव ने आह्वान किया कि लोग प्रतिदिन कम से कम 10-15 मिनट अपने परिवार और मित्रों के साथ ध्यान और सत्संग के लिए निकालें। उन्होंने काशी की विद्वत्ता की सराहना करते हुए सामूहिक साधना पर बल दिया।
कार्यक्रम की झलकियाँ: रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यह कार्यक्रम भक्ति संगीत, गहन ध्यान और ज्ञान चर्चा से ओतप्रोत रहा। उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरुदेव के सान्निध्य में शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।




