देवरिया : गैस का बढ़ा संकट, उपभोक्ताओं में मचा हाहाकार

असगर अली/ब्यूरो चीफ,देवरिया । भाटपाररानी तहसील क्षेत्रों में रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति कम होने से उपभोक्ताओं में हाहाकार मचा है। गैस की गाड़ी पहुंचने की सूचना मिलते ही गैस एजेंसियों पर भोर से उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग गयी। गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार होली के बाद समय से आपूर्ति नहीं मिलने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है।उपभोक्ताओं का आरोप है कि बाजार में गैस सिलेंडर 1600 से 1700 रुपये तक सिलेंडर बेचा जा रहा है। चाय और होटल पर कमर्शियल गैस की जगह घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल हो रहा है।भाटपाररानी क्षेत्र के महुआबारी स्थित रमेश भारत गैस एजेंसी पर मंगलवार को तीन दिन बाद गैस सिलेंडर की गाड़ी पहुंची तो गैस लेने को भीड़ उमड़ पड़ी। गैस एजेंसी पर भोर से ही उपभोक्ता सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े हो गए। सुबह करीब 9:30 बजे गैस की गाड़ी पहुंची और करीब डेढ़ घंटे बाद वितरण शुरू हुआ। आधे लोगों को सिलेंडर मिला और अन्य को मायूस होकर वापस लौट गए । गैस एजेंसी के मैनेजर सतीश यादव ने बताया कि एजेंसी पर करीब 22 हजार उपभोक्ताओं का कनेक्शन है, जिनमें 16 हजार उपभोक्ताओं का केवाईसी हो चुका है। डिमांड के अनुसार आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। होली के बाद से यह समस्या बनी हुई है। तीन दिन बाद एक गाड़ी में करीब 450 सिलेंडर ही आए हैं, जबकि हजारों उपभोक्ता लाइन में सुबह चार बजे से ही लगे थे, गैस को लेकर कुछ दिनों से समस्या बढ़ गयी है।इस संबंध में उपभोक्ता रत्नेश कुमार, जावाडीह के अनुसार वह सुबह छह बजे से लाइन में खड़े हैं। घर पर गैस समाप्त हो गया है। यहां पर इतनी भीड़ है कि गैस मिलना मुश्किल लग रहा है। लेकिन वह लाइन में लगे हुए थे। अंत में गैस नहीं मिला। इसी प्रकार भोला आर्य चौक भाटपार रानी ने सिलेंडर के लिए 2 मार्च को गैस की बुकिंग कराई थी, लेकिन अभी तक गैस नहीं मिल सका है। गैस आने कीउम्मीद में कई गुना भीड़ जुट गयी। शमीम, कुईचवर वह दो दिनों से गैस के लिए आकर लौट रहे थे। आज गाड़ी आने से गैस मिलने की उम्मीद बनी है। लेकिन भीड़ देखकर लगता है कि कहीं आज भी खाली न जाना पड़े। मेराज अहमद, भाटपाररानी भी भोर से ही गोदामों पर लाइन में खड़े थे लेकिन सफलता नहीं मिली। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि खाड़ी युद्ध का असर जिले में भी दिखने लगा है। सूत्रों के अनुसार रसोई गैस सिलेंडर के लिए हाहाकार मचा है। लेकिन इसका लाभ एजेंसियों की मदद से कालाबाजारी करने वाले उठाने लगे है। इससे आमजन की मुश्किलें बढ़ गई गई। रसोई गैस सिलेंडर के लिए हर एजेंसी पर यही हाल है। भोर से ही घण्टों लाइन में खड़ा होने के बावजूद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।अब तो डीजल-पेट्रोल पर भी संकट गहराने लगा है। जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है होली की लंबी छुट्टी के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी कर रहे है।




