स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ता निवेश “खर्च” नहीं, बल्कि राष्ट्र की मानव पूंजी – डॉ विनोद बिंद

चन्दौली । संसद भवन एनेक्सी में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक हुई, जिसमें 2026-27 के लिए मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई। इस बैठक में आयुष्मान भारत, टीबी उन्मूलन, अंगदान, और एआई-आधारित स्वास्थ्य तकनीकों जैसे प्रमुख विषयों पर जोर दिया गया।
बैठक में भदोही सांसद डॉ विनोद बिंद ने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ता निवेश “खर्च” नहीं, बल्कि राष्ट्र की मानव पूंजी को मजबूत करने का संकल्प है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है । आयुष्मान भारत, नए मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों का उन्नयन और डिजिटल हेल्थ मिशन इसके उदाहरण हैं। सांसद डॉ विनोद बिंद ने समिति में विशेष रूप से ग्रामीण व पूर्वांचल क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता,जिला अस्पतालों में आईसीयू व ट्रॉमा सेंटर की आवश्यकता,मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती,आयुष्मान भारत के लाभार्थियों तक समयबद्ध सेवा, मेडिकल व नर्सिंग सीटों में वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया । उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की आधारशिला है। हमारा प्रयास है कि बजट का हर रुपया पारदर्शिता और परिणाम के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। कहा कि
जनता की अपेक्षाओं को सदन और समिति में मजबूती से रखना ही एक जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है और मैं अपने क्षेत्र भदोही, वाराणसी व पूर्वांचल की आवाज़ लगातार उठाता रहूँगा।




