भदोही: आवास विहीन खेमा लगा जिंदगी गुजारने पर मजबूर ग्राम रड़ई की सीता सुंदरी कनौजिया

ग्रामीणों ने प्रधान के खिलाफ खोला मोर्चा, प्रधान मुर्दाबाद के लगाए गए नारे
ब्यूरो चीफ आफ़ताब अंसारी की रिपोर्ट…..
भदोही। गरीबी भी बहुत अजीब चीज होती है। जो उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं लेने देती। यूं कहें कि सरकार के नुमाइंदे भी ऐसे लोगों के पास नहीं जाते। जिसके पास भरा है उसी के ऊपर सरकार की योजनाओं को उलटकर चले आते हैं और सरकार की योजनाओं को पात्रों को देने तथा उसके शत प्रतिशत क्रियान्वयन की इतिश्री कर ली जाती है।अब जरा ग्रामसभा रड़ई गांव में रहने वाले रामकिशुन कनौजिया जो किसी तरह से मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते है। उनकी पत्नी मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं। पुत्री सीता सुंदरी कनौजिया इस गरीब परिवार को ही देख लें जिसका कच्चा मकान पूरी तरह से दरक चुका है किसी तरह प्लास्टिक डालकर रहने को विवश हैं। वहीं गुलाबा देवी कनौजिया का भी कच्चा मकान पूरी तरह से जीर्ण-शीर्ण अवस्था मे है जिसमे रहकर भय की जिंदगी गुजारने पर मजबूर हैं। आवास विहीन खेमा लगाकर जिंदगी गुजारने पर मजबूर हो गए ग्राम सभा रड़ई के लोग। हालांकि सरकार ने समाज में रह रहे ऐसे गरीबों को आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए कार्यक्रम बनाई। उसका शत प्रतिशत क्रियान्वयन करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग को दी गई। यह भी निर्देशित किया गया कि योजना का लाभ गरीब पात्रों को दिया जाएं। मगर ऐसा नहीं हो सका। ऐसे गरीबों को किसी भी योजना का लाभ नही मिल रहा है। जबकि सरकार में बैठे लोग गला फाड़-फाड़कर गरीबों के लिए काम करने की बात करते हैं। यह किसी एक पार्टी की बात नहीं है। सत्ता में आने वाली सभी पार्टियों की हालात यही है। यह विडंबना नहीं तो और क्या है। अगर संबंधित विभाग के अधिकारियों व प्रधान के अंदर मानवता व संवेदना जिंदा है तो वह ऐसे गरीब लोगों के हक में भी कुछ काम कर दे। ताकि उनके सिर पर भी पक्का छत मुहैया हो सके और वह भी समाज के मुख्य धारा से जुड़कर अपना जीवन यापन करे। उससे उनका जीवन स्तर उठेगा। वहीं ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्य व सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से लाभान्वित न कराने को लेकर के मोर्चा खोल दिया और मुर्दाबाद के नारे लगाए। कहा गया पांच वर्ष का कार्यकाल समाप्त होने को है लेकिन प्रधान द्वारा आवास मुहैया नही करा सके। इस सम्बंध में खण्ड विकास अधिकारी विनोद कुमार पांडेय ने बताया की पहले की सूची में नाम होगा तो चयन प्रक्रिया का कार्य चल रहा है। नाम होगा तो जरूर ऐसे लोगो को आवास मिलेगा। उन्होंने बताया कि नए में टारगेट अभी नही आया है। शौचालय के लिए कहा कि आवेदन ऑनलाइन करें तो कार्य शुरू हो जाएगा। वहीं प्रधान जी को कई बार दूरभाष पर बात करने की कोशिश की गई तो वे फोन को उठाने में असमर्थ रहे।





