भदोही :आपातकाल आजाद देश में गुलामी का नया दौर लेकर आया: एके शर्मा

प्रदर्शनी, वीडियो प्रसारण, हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से आपातकाल के त्रासदी व विपत्तियों से जनमानस को किया रेखांकित
आफताब अंसारी /भदोही। आपातकाल लगाये जाने के 50 वर्ष पूर्ण होने पर भारतीय लोकतंत्र काला अध्याय आपातकाल दिवस पर जिला पंचायत सभागार में प्रदर्शनी व संगोष्ठी कार्यक्रम आयोजित की गई। जिसमें नगर विकास एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्त्रोत प्रभारी मंत्री ए0के0शर्मा की अध्यक्षता में सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, विधायक औराई दीनानाथ भास्कर, जिलाध्यक्ष भाजपा दीपक मिश्रा व अन्य जन प्रतिनिधियों सहित जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिमंन्यु मांगलिक की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। 2 डाक्यूमेन्ट्री मूवी के माध्यम से आपातकाल से जुड़ी त्रासदी/विपत्तियों से जनमानस को अवगत कराया गया। कार्यक्रम स्थल पर देशभक्ति गीत फिल्म में लोकतंत्र और देशभक्ति की थीम से हुए गीत लगातार बजाये गये। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री का आपातकाल दिवस विषयक संदेश-आपातकाल के उन बूरे दिनों को भुलाया नही जा सकता। मुख्यमंत्री का संदेश भारत के महान लोकतंत्र पर कलंक ‘आपातकाल’ वर्ष 1975 में कांग्रेस पार्टी द्वारा देश पर थोपा गया। इस मौके पर प्रभारी मंत्री ए0के0शर्मा ने बताया कि उन दिनों सत्ता पर संकट के दृष्टिगत आपातकाल लगाया गया। जो भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय साबित हुआ। अनैतिक संसोधनों से संविधान पर हमला हुआ। 38वें से 42वें संसोधन कर संविधान की आत्मा का हत्या की गयी। मीडिया, न्यायपालिका और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रा का दमन किया गया। आजाद देश में गुलामी का नया दौर लेकर आया आपातकाल, नागरिकों के मौलिक अधिकार छिन लिए गये।हजारों बेगुनाहों को जबरन जेल भेज दिया गया। कई को गुमनाम मौत दी गयी। सांसद डॉ0 विनोद बिन्द ने बताया कि आपातकाल समय में प्रेस मीडिया पर सेंसरशिप लगाकर 3801 समाचार पत्रों के डिक्लेरेशन जब्त किये गये। 327 पत्रकारों को मीसा में बंद किया गया और 290 अखबारों के विज्ञापन बंद किये गये। खबरों को सेसर किया जाने लगा।जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरूद्ध त्रिपाठी ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का एक ऐसा अध्याय है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता, उस दौर में जिन लोगों ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की वे वास्तव में हमारे समाज के प्रेरणा स्रोत हैं।विधायक औराई दीनानाथ भाष्कर ने आपातकाल दिनों में शिक्षा नियंत्रण और चाटुकारिता का दौर, अनकहे अत्याचार तानाशही की मानवीय कीमत, तानाशाही का सबसे क्रूर चेहरा जबरन नसबंदी, आपातकाल की भयावह कहानियॉ के माध्यम से त्रासदी को रेखांकित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि आपातकाल के दौरान जिन लोगों ने अपनी आजादी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की कीमत पर देश को लोकतांत्रिक रास्ते पर बनाए रखा उनका योगदान अतुलनीय है। इसके अतिरिक्त नवागत मुख्य विकास अधिकारी बाल गोबिन्द शुक्ल, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 कुंवर वीरेन्द्र मौर्य, जिला सूचना अधिकारी डॉ0 पंकज कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान, अपर मुख्य अधिकारी अनिल त्यागी, प्रभारी बीएसए विकास चौधरी, केएनपीजी के डॉ0 राहुल ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।।कार्यक्रम में पूर्व विधायक रवीन्द्रनाथ त्रिपाठी, ज्ञानपुर चेयरमैन घनश्यामदास गुप्ता, बेसिक व माध्यमिक के शिक्षक, मीडिया बन्धु, अन्य जनप्रतिनिधिगण व बड़ी संख्या में जनपदवासी उपस्थित रहे।




