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उत्तर प्रदेशकारोबार

यूपी में समाप्त हुई स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था

उपभोक्ता हित में लगातार फैसले ले रही योगी सरकार : ए. के. शर्मा

 

नेटवर्क समस्या वाले क्षेत्रों में मैनुअल रीडिंग से जारी होगा बिल। एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से उपभोक्ताओं को मिलेगा बिजली बिल ,1912 हेल्पलाइन और व्हाट्सएप चैटबॉट से भी प्राप्त कर सकेंगे बिल, अब सभी नए बिजली कनेक्शन स्मार्ट पोस्टपेड मोड में होंगे जारी। उपभोक्ताओं को तीन किस्तों में भुगतान का विकल्प, 15 मई से 30 जून तक लगाए जाएंगे स्मार्ट मीटर शिकायत निस्तारण कैंप

लखनऊ । प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने आम विद्युत उपभोक्ताओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में संचालित स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था को समाप्त कर सभी स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड मोड में संचालित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं तथा आरडीएसएस योजना के अंतर्गत स्थापित सभी स्मार्ट मीटरों को तत्काल प्रभाव से पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जा रहा है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगमों तथा केस्को कानपुर में लागू यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि अब मई-2026 की विद्युत खपत का बिल जून-2026 में पोस्टपेड प्रणाली के अंतर्गत जारी किया जाएगा तथा उपभोक्ताओं को बिल एसएमएस एवं व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्मार्ट पोस्टपेड बिल प्रत्येक माह की 10 तारीख तक जारी किए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में नेटवर्क अथवा संचार संबंधी समस्या के कारण स्मार्ट मीटर की ऑटोमैटिक रीडिंग प्राप्त नहीं होगी, वहां AMISP एजेंसियों के माध्यम से मैनुअल रीडिंग लेकर समय से बिल उपलब्ध कराया जाएगा।

ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर सिस्टम में पंजीकृत नहीं हैं अथवा गलत दर्ज हैं, उनके लिए डिस्कॉम स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही उपभोक्ता संबंधित विद्युत वितरण निगम के व्हाट्सएप चैटबॉट एवं 1912 हेल्पलाइन के माध्यम से भी अपना बिल प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब सभी नए विद्युत संयोजन स्मार्ट पोस्टपेड मोड में ही जारी किए जाएंगे। पूर्व में प्री-पेड व्यवस्था लागू होने के दौरान समायोजित की गई सुरक्षा धनराशि को अब विद्युत प्रदाय संहिता-2005 एवं कॉस्ट डाटा बुक-2026 के प्रावधानों के अनुसार चार समान मासिक किस्तों में उपभोक्ताओं के बिलों में जोड़ा जाएगा।ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पोस्टपेड उपभोक्ताओं को पूर्व की भांति बिल जारी होने की तिथि से 15 दिन का भुगतान समय तथा उसके बाद 7 दिन की डिस्कनेक्शन अवधि प्रदान की जाएगी। निर्धारित समय तक भुगतान न होने पर विद्युत प्रदाय संहिता एवं टैरिफ आदेश के अनुसार विलंब अधिभार लागू होगा। उन्होंने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष राहत देते हुए 30 अप्रैल 2026 तक के बकाये विद्युत बिल को 10 आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा प्रदान की गई है, जबकि अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को 40 प्रतिशत, 30 प्रतिशत एवं 30 प्रतिशत की तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि स्मार्ट मीटर एवं बिजली बिलों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक अधिशासी अभियंता एवं उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष कैंप एवं सहायता केंद्र लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 1912 हेल्पलाइन पर भी विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।

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