
असगर अली
देवरिया। जनपद के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के पानी के टैंक में अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से मचा हड़कंप। इसी पानी का इस्तेमाल पीने के लिए हो रहा था। पानी में बदबू आने की शिकायत लोग करते रहे लेकिन इस पर विशेष ध्यान नहीं दी जारही थी।जब बदबू बढ़ने लगा तब जा कर जांच शुरू की गई। पहले टोटी और सप्लाई लाइन की जांच हुई। लेकिन कुछ पता नहीं चला। उसके बाद पांचवीं मंजिले पर बना टैंक का ढक्कन हटाया गया तो लोगों के होश उड़ गए। पानी की टंकी में मानव कंकाल के अवशेष दिखाई दिए। जिसके बाद मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया। आनन फानन में प्रशासनिक अफसरों को सूचना देकर पुलिस बुलाई गई। सूचना पर कोतवाली पुलिस,फोरेंसिक टीम एवं क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। बड़ी मशक्कत से कंकाल को निकलवाया। पुलिस ने कंकाल को कब्जे लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा दिया। पुलिस अब मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों से पूछताछ करने में लगी है। यह वही पानी की टंकी है जिससे मेडिकल कॉलेज के वार्ड, ओपीडी और प्रशासनिक भवनों में पीने और अन्य उपयोग के लिए पानी की सप्लाई की जाती है।पानी की टंकी में मानव कंकाल मिलने की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई। मरीजों और उनके परिजनों ने पानी को छूने से इनकार कर दिया और अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाकर जांच की मांग करने लगे।फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से पानी और आसपास के नमूने भी एकत्रित किए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शव कितने समय से टंकी में पड़ा था और इससे पानी की गुणवत्ता कितनी प्रभावित हुई है। पुलिस ने कहा कि शव की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। संभवतः यह शव कई दिनों पुराना है।मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने कहा- जैसे ही हमे घटना की सूचना मिली, हमने तुरंत पुलिस और फोरेंसिक टीम को जानकारी दी। टंकी की आपूर्ति को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है और सभी वार्डों में वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। मामले की जांच की जा रही है कि शव वहां कैसे पहुंचा।घटना के बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में आक्रोश फैल गया। कई लोगों ने कहा कि यदि पानी की दुर्गंध की शिकायत पहले गंभीरता से ली जाती तो शायद यह भयावह स्थिति न बनती। रुद्रपुर से इलाज कराने आए रामदीन ने कहा- हम लोग पिछले तीन दिन से यहीं भर्ती हैं। पानी में बदबू पहले से थी लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब पता चला कि टंकी में शव पड़ा है यह बहुत डराने वाली बात है।मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने घटना के बाद तत्काल वार्ड, ओपीडी, नर्सिंग हॉस्टल और प्रशासनिक भवनों में पानी की आपूर्ति रोक दी। जल निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने टंकी खाली कराकर पूरे परिसर को सैनिटाइज किया। पानी के नमूने लखनऊ स्थित राज्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पानी की नियमित सप्लाई बहाल की जाएगी। जांच एजेंसियों का मानना है कि शव संभवतः कई सप्ताह पुराना है, जिससे पानी दूषित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।सवाल यह है कि यह आत्महत्या है या हत्या पुलिस छानबीन में जुटी है।




