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एजुकेशन

राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में शिक्षा के महत्व और बेहतर नागरिक बनने के लिए किया प्रेरित

वीकेएम का सप्त दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर शुरू

वसंत कन्या महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई 3 की कार्यक्रम अधिकारी डॉ पूनम वर्मा द्वारा सप्त दिवसीय शिविर का आयोजन सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी में किया गया। कार्यक्रम में 50 स्वयं सेविकाओं ने प्रतिभाग किया। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. रचना श्रीवास्तव ने स्वयं सेविकायों को इन सात दिनों में में सामुदायिक सद्भाव बनाये रखने एवं समुदाय के बीच रहकर ध्यान से उनकी समस्यायों को जानने व उनके समाधान खोजने की कोशिश करने के लिए निर्देशित किया ।

कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर सभी स्वयं सेविकाएं सीर गोवर्धनपुर के प्राथमिक विद्यालय श्री गुरु रविदास विद्यालय में एकत्रित हुई और कार्यक्रम की शुरुआत में लक्ष्य गीत का गायन किया तथा डॉ पूनम वर्मा ने विद्यालय के सभी छात्र और छात्राओं को राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम से अवगत करते हुए शिक्षा के महत्व और उन्हें एक बेहतर छात्र और बेहतर नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया साथ ही विद्यार्थियों को मानवीय मूल्यों के प्रति भी जागरूक किया। इसी कड़ी में स्वयं सेविकाओं ने भी विद्यार्थियो को मोबाइल और सोशल मीडिया जैसे आकर्षणों से कैसे स्वयं को मुक्त रखे उसके लिए भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। साथ स्वयं सेविकाओं ने विद्यालय परिसर को भी स्वच्छ करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

सीर गोवर्धनपुर वाराणसी में नशा मुक्ति आधारित एक जागरूकता रैली निकली गई जिसमें 50 स्वयं सेविकाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और गांव के स्थानीय लोगों को नशा मुक्ति पद यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण नारे और स्लोगन के माध्यम से जागरूक किया। छात्राओं ने घर घर जाकर महिलाओं और बच्चों से भी इस विषय पर चर्चा की और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। इस अवसर पर महिलाओं ने भी नशे से होने वाले पारिवारिक झगड़े और बीमारियों के विषय से भी अवगत कराया। महाविद्यालय की स्वयं सेविकाओं ने क्षेत्रीय नागरिकों को न केवल इसके दुष्प्रभाव के विषय में बताया अपितु उन्हें नशे की लत को छोड़ने की प्रतिज्ञा भी कराई।

कार्यक्रम के द्वितीय पाली में नशा मुक्त भारत स्वस्थ भारत विषय पर आज के मुख्य अतिथी वक्ता आयुर्वेद विभाग, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के डॉ. रोहित जी ने छात्राओं के मध्य बहुत ही महत्वपूर्ण और गहरी विचार बिंदुओं को केंद्रित किया, डॉ. रोहित ने बताया कि एक दिन में नशा कभी नहीं छूट पाता लेकिन एक दिन की जागृति भी बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि परिवर्तन एक सतत् चलने वाली प्रक्रिया है, साथ ही उन्होंने स्वयं सेविकाओं के इस समाज सेवी कार्यों को सराहा और उन्हें इस कार्य को आगे भी बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. रोहित ने बताया कि विभिन्न प्रकार की वैकल्पिक दवाओं के माध्यम से तथा दृढ़ता के बल से कोई भी व्यक्ति नशे से मुक्त हो सकता है।

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