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उत्तर प्रदेश

वाराणसी : जितना सहज हम व्यवहार करेंगे,जनता का सहयोग हमें उतना ही अधिक मिलेगा- एडीजी

अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा द्वारा  जोन परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि


वाराणसी। अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा द्वारा वाराणसी जोन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी  एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित किया। गार्ड द्वारा महापुरूषों को विधिवत् सलामी दी। एडीजी अरोरा ने कहा कि महात्मा गांधी ने हमें सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया। एक पुलिसकर्मी के लिए सत्य का अर्थ है- निष्पक्षता। हमारी वर्दी पर लगा हर स्टार जनता को ये विश्वास दिलाए कि हमारे पास न्याय मिलेगा, बिना किसी भेदभाव के, और अहिंसा का अर्थ कमजोर होना नहीं है।अहिंसा का अर्थ है संयम । बल प्रयोग अंतिम विकल्प होना चाहिए । गांधी जी कहते थे – ताकत शारीरिक क्षमता से नहीं आती, अटूट इच्छाशक्ति से आती है। जब हम गुस्से में नहीं, बल्कि संयम से स्थिति को संभालते हैं, तभी हम एक सच्चे पुलिस अधिकारी कहलाते हैं। वहीं, लाल बहादुर शास्त्री ने हमें दो मंत्र दिए सादगी और कर्तव्यनिष्ठा । उनकी सादगी हम सभी के लिए एक उदाहरण है । एक प्रधानमंत्री होकर भी वे कितने सरल थे । हम पुलिसकर्मियों को भी याद रखना चाहिए कि वर्दी हमें जनता से ऊपर नहीं, बल्कि जनता के बीच का बनाती है । जितना सरल और सहज हम जनता के साथ व्यवहार करेंगे, जनता का सहयोग हमें उतना ही अधिक मिलेगा और दूसरा, उनकी कर्तव्यनिष्ठा । जय जवान, जय किसान’ का उनका नारा आज भी हमें याद दिलाता है कि देश की सुरक्षा जवान यानी हम पुलिसकर्मी, और देश की समृद्धि किसान यानी हमारी जनता, दोनों के परस्पर सहयोग से ही संभव है। तो आज इस जयंती पर हम संकल्प लें, हम गांधी जी से विनम्रता और निष्पक्षता सीखेंगे और शास्त्री जी से सादगी और कर्तव्यपरायणता सीखेंगे । हम ऐसी पुलिस व्यवस्था बनाएंगे जहां डर नहीं, बल्कि विश्वास हो। जहां वर्दी को देखकर आम नागरिक को सुरक्षा का एहसास हो। इस अवसर पर सभी कार्मिकों को 2 अक्टूबर की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सफेद शर्ट-पैंट क्लाथ सेट एवं महिला कार्मिक को आफव्हाईट सूट प्रदान किया। जलपान के साथ कार्यक्रम का समापन स्टाफ आफिसर के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।

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