लखनऊ : मंत्री संदीप सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा की

लखनऊ । प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे सुधारों एवं विभिन्न योजनाओं की समीक्षा हेतु उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने की। बैठक में महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा डेलॉयट के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश के आर्थिक विकास के व्यापक लक्ष्य को प्राप्त करने में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने नए शिक्षकों की भर्ती, विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के लिए सभी विभागों और कार्मिकों के सामूहिक प्रयासों एवं निरंतर परिश्रम से विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाना आवश्यक है।
बैठक में बताया गया कि आधारभूत एवं डिजिटल शिक्षा सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में 25,790 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए हैं। समीक्षा में इस बात पर जोर दिया गया कि सुविधाओं के निर्माण के साथ-साथ उनका प्रतिदिन शैक्षिक गतिविधियों में प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित किया जाए। बैठक में डिजिटल तकनीक के साथ विद्यार्थियों के समग्र एवं मानवीय विकास को समान महत्व देने पर बल दिया गया। विद्यालयों में पठन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए समाचार पत्र एवं पुस्तकों को विद्यालयी वातावरण का हिस्सा बनाने, साप्ताहिक पठन सत्र आयोजित करने तथा ‘रीडर ऑफ द वीक’ और ‘टॉप 5 स्टूडेंट रीडर्स’ जैसे प्रोत्साहन कार्यक्रम शुरू करने पर जोर दिया गया। सर्वांगीण विकास के लिए खेल, आत्मरक्षा, कला एवं क्राफ्ट जैसी गतिविधियों के विस्तार, प्रोफेशनल कोच की सेवाएं लेने तथा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, विशेषकर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचाने के लिए संरचित अवसर उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई।
विद्यालयों के पूर्व छात्रों को जोड़कर एलुमनाई मेंटरशिप मॉडल विकसित करने पर भी कार्य किया जा रहा है, जिसके माध्यम से सिविल सेवक, चिकित्सक, उद्यमी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सफल पूर्व छात्र विद्यार्थियों को मार्गदर्शन एवं करियर संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएंगे। वर्ष 2026-27 के शैक्षिक सत्र के लिए विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक, सामाजिक-भावनात्मक एवं शारीरिक विकास की निगरानी हेतु समग्र प्रगति कार्ड लागू किए गए हैं, जिन्हें APAR ID तथा प्रेरणा पोर्टल के साथ जोड़ने का प्रस्ताव है। बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में ‘निपुण सम्मान समारोह’ आयोजित किए गए। बैठक में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से विद्यालयों के विकास पर भी चर्चा हुई। 21 मई 2026 को नोएडा में आयोजित CSR कॉन्क्लेव में 30 से अधिक कॉरपोरेट संस्थानों की सहभागिता और 10 आशय पत्र (LOI) प्राप्त होने के बाद डेलॉयट एवं संबंधित अधिकारियों को MoU की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए। इन साझेदारियों के माध्यम से खेल गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं तथा लक्षित CSR कार्यक्रमों को सहयोग मिलेगा। सभी साझेदारियों में डेटा संरक्षण संबंधी प्रावधान शामिल किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त यूनियन बैंक के सहयोग से वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण तथा Edunet Foundation एवं IBM के सहयोग से जलवायु परिवर्तन और साइबर सुरक्षा से संबंधित शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित किए जा रहे हैं।



