गाजीपुर : कठिन परिस्थितियो में छत्रपति शिवाजी ने भारतीय संस्कृति की रक्षा की – सचिदानंद

चंद्र मोहन तिवारी/गाजीपुर। ज्येष्ठ शुक्लपक्ष त्रयोदशी के दिन हिन्दवीं स्वराज की स्थापना को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरे भारतवर्ष में एक साथ हिन्दू साम्राज्य दिनोत्सव के रूप में मनाया जाता है। जिसे लेकर संघ कार्यालय माधवकुटी आश्रम रायगंज में रविवार के दिन प्रातः 7ः30 बजे मनाया गया। इस कार्यक्र्रम में सर्वप्रथम हिन्दू साम्राज्य के संस्थापक महाराज शिवाजी के चित्र पर माल्यापर्ण कर पुष्प अर्पित किया गया तत्पश्चात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डा. केशवबली राम हेडगेवार व सदाशिव राव गोलवरकर के चित्र पर विभाग संघसंचालक सचिदानन्द, जिला संघसंचालक जयप्रकाश व नगर संघसंघचालक सर्वजीत ने संयुक्त रूप से माल्यापर्ण कर पुष्प अर्पित किया गया। कार्यक्रम मे उदबोधन करते हुए विभाग संघसंचालक ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वर्षभर में छः उत्सव मनाया जाता है, पहला उत्सव वर्षप्रतिपदा, दूसरा उत्सव हिन्दू साम्राज्य दिनोत्सव, तीसरा पर्व गुरूपुजनोत्सव, चौथा पर्व रक्षाबन्धन, पांचवा पर्व विजय दशमी व छठा व अन्तिम पर्व मकर संक्रांन्ति उत्सव के रूप मंे मनाया जाता है। इसी क्रम में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी के दिन हिन्दू साम्राज्य दिनोत्सव का पर्व पूरे भारत में एक साथ मनाया जा रहा है। ज्येष्ठशुक्ल त्रयोदशी के दिन ही छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक 1674 में रायगढ़ में हुआ था और उसी दिन को हम हिन्दवी स्वराज के स्थापना का भी दिन माना जाता है। छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक में काशी के विद्वान पंडित गागा भटट को बुलाया गया जिन्होने भारत के सभी दिशाओ में बहने वाली नदियां गंगा, जमुना, कृष्या, गोदावरी, महानदी, सतलज, झेलम, रावी घाघरा, ब्रम्हपुत्र आदि नदियो के पवित्र जल से स्नान कराकर विधिवत राज्याभिषेक किया और अखण्ड भारत परिकल्पना की नीवं रखी। इनके राज्याभिषेक में ंसत ज्ञानेश्वर, संत नामदेव, जीजाबाई जैसी महान विभुतियो को साक्षी मानकर हिन्दू साम्राज्य की स्थापना की गयी और भगवां ध्वज को हिन्दूओ के प्रतीक के रूप में स्थापित किया। महाराज शिवाजी सामरिक कौशल संपन्न होने के साथ साथ भीषण संकट के घड़ी मे भारत की संस्कृति को नष्ट होने से बचाया। कठिन परिस्थितियों में असंभव होने वाले कार्य को बड़ी कुशलता से संपन्न करने के कारण भारतीय इतिहास में महान विभूतियों मे स्थान रखने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज अपने हिन्दवी स्वराज के प्रति समर्पित लोगो के साथ लेकर हिन्दू साम्राज्य की स्थापना की। इन्होने समाज को यह बताया कि राष्ट्र के प्रति सर्मपित लोगो को साथ लेकर चलने से राष्ट्र के उंचे से उंचे लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इन्ही की प्रेरणा से प्रभावित होकर लोकमान्य तिलक ने 1895 में शिवाजी उत्सव प्रारम्भ किया और रविन्द्रनाथ टैगोर ने 1904 में शिवाजी उत्सव के नाम पर बंगाली कविता की रचना की। जो आज भी हमारे लिए प्रेरणा के रूप मे ंशक्ति का संचार करती है। कार्यक्रम के अन्त संघ प्रार्थना के उपरान्त हिन्दू साम्राज्य की खुशी मनाते हुए सभी में मिठाईयो का वितरण किया गया। इस अवसर पर जिला प्रचारक प्रभात, चन्द्र कुमार, अशोक, दीनदयाल, अखिलेश, अमित, देवसरन, नीतिन, अंजनी, अभिषेक, मुन्ना जी, रामकुमार, कृपाशंकर, संजय, विश्वमोहन, कृष्णा, अर्थव, दुर्गेश सहित सैकड़ो स्वंयसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नगर कार्यवाह हर्ष एवं नगर शारीरिक प्रमुख दीपक, एकल गीत राकेश रंजन व अमृत वचन गिरधर ने किया।




