लखनऊ : विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार दिवस पर नागरिकों को किया जागरूक
विधिक अधिकारों, भरण-पोषण अधिनियम 2007, निःशुल्क सहायता की दी जानकारी

लखनऊ। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुपालन में जागृति (न्याय जागरूकता जमीनी स्तर की सूचना एवं पारदर्शिता पहल) योजना-2025 के अंतर्गत विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देश पर सोमवार को राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन से जुड़े उम्मीद संस्था वरिष्ठ नागरिकों को बुजुर्गों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार, उपेक्षा एवं शोषण के विभिन्न स्वरूपों के प्रति जागरूक करते। उनके विधिक अधिकारों, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 तथा निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से भी अवगत कराया गया। केयरटेकर अरुण शुक्ला एवं परमानन्द, अधिवक्ता, राजेश कुमार पराविधिक स्वयं सेवक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा एवं गरिमामय जीवन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए समाज से बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार अपनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बुजुर्गजनों को बताया गया कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, उपेक्षा अथवा अधिकारों के हनन की स्थिति में वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। राजेश कुमार पराविधिक स्वयं सेवक ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं तथा उनकी सुरक्षा, गरिमा और अधिकारों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के प्रति होने वाले दुर्व्यवहार को रोकना तथा उनके अधिकारों एवं सम्मान के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता उत्पन्न करना है।



