वाराणसी : 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा से शुरू होगा सावन, बम- बम बोलेगी काशी

वाराणसी। 29 जुलाई से गुरु पूर्णिमा से सावन शुरू होगा। डेढ़ महीने के बाद आध्यात्मिक नगरी काशी में महीने भर बम-बम होगा । लोग अभी से बाबा के दर्शन के लिए तैयारियों में जुट गए हैं। होटलों में बुकिंंग का दौर भी सावन माह के लिए शुरू हो चुका है। सावन महीने में आध्यात्मिक नगरी काशी में बाबा के भक्तों की सुनामी आती है। मां गंगा की लहरें जबरदस्त उफान पर होती हैं।इस बार 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के बाद सावन महीने की शुरुआत हो जाएगी। 28 अगस्त को रक्षा बंधन के साथ ही सावन खत्म हो जाएगा। इस दौरान मां गंगा के जलस्तर में पर्याप्त बढ़ोतरी होगी। बाढ़ की स्थिति भी होगी । भक्त गंगाजल लेकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगे। पूरे सावन महीने में काशी में रूट डायवर्जन रहेगा। हर सोमवार को लगभग आठ से दस लाख बाबा के भक्तों की प्रतिदिन आगमन की काशी साक्षी बनेगी। 3, 10, 17 और 24 अगस्त को सावन महीने का सोमवार पड़ेगा । इन तारीखों में आस्था का सैलाब काशी में उमड़ेगा। काशी कांवड़ियों से बम बम रहेगी। 10 अगस्त को प्रदोष होने से आस्था का सावन उस दिन सर्वाधिक चरम पर रहेगा। सावन का महीना आध्यात्मिक नगरी काशी के लिए विशेष महत्व रखता है ।इस दौरान भक्त बाबा विश्वनाथ की पूजा-अर्चना के लिए दूर-दूर से आते हैं। काशी में सावन के महीने में विशेष आयोजन होते हैं,जिसमें भव्य जलाभिषेक, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान शामिल होते हैं। कांवड़िया कांवड़ लेकर गंगा नदी से जल भरकर लाते हैं और बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करते हैं। इस बार सावन में बाबा के भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना है । आध्यात्मिक नगरी काशी में हर साल सावन के दौरान बाबा के भक्तों की सुनामी आती है । जिससे काशी में धार्मिक उत्सव का माहौल बनता है।प्रशासन ने इस बार सावन के दौरान बाबा के भक्तों की सुविधा के लिए विशेष तैयारियां की हैं। सावन के महीने में आध्यात्मिक नगरी काशी में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।पुलिस और प्रशासन ने मिलकर सुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय किए हैं ताकि बाबा के भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए रूट डायवर्जन की योजना बनाई गई है। बाबा के भक्तों के लिए विशेष रूप से जलपान और विश्राम की व्यवस्था की जाएगी।



