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एजुकेशन

वाराणसी : वसन्ता कॉलेज में विश्व पर्यावरण दिवस उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया 

वाराणसी। वसन्ता कॉलेज फॉर वूमेन के.एफ.आई. के राष्ट्रीय कैडेट कोर (28 यूपी गर्ल्स बटालियन, एनसीसी) पर्यावरण क्लब के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस बड़े उत्साह एवं जागरूकता के साथ मनाया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के कमिटी रूम में नेचर ऐंड नर्चर : शॉपिंग आउर फ्यूचर विषय पर किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संतुलन एवं सतत विकास के प्रति विद्यार्थियों एवं समाज में जागरूकता उत्पन्न करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. कौशलेन्द्र प्रकाश गोस्वामी, प्रोफेसर, भूगोल विभाग, विज्ञान संस्थान, काशी हिंदू विश्वविद्यालय थे। उन्होंने अपने विशेष व्याख्यान में प्रकृति और मानव जीवन के गहरे संबंध को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने पर्यावरण चक्र की महत्ता, भौगोलिक परिदृश्य की भूमिका तथा उसके संरक्षण और संवर्धन को मानव का प्रथम कर्तव्य बताया। उन्होंने कहा कि “प्रकृति हमारी प्रत्येक आवश्यकता को पूरा करती है, इसलिए उसकी सुंदरता और जीवन को सुरक्षित रखना हमारा नैतिक दायित्व है। यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत विकास संभव हो सकेगा।” उनके विचारों ने उपस्थित छात्राओं को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर अलका सिंह ने भी अपने प्रेरणादायी संबोधन में प्रकृति संरक्षण को जीवन का आधार बताया। उन्होंने कहा कि धरती केवल संसाधनों का भंडार नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और नैतिक विरासत भी है। हमें केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को जल संरक्षण, स्वच्छता एवं हरित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में एनसीसी की एएनओ लेफ्टिनेंट डॉ. विभा सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने दैनिक जीवन में प्रकृति की आवश्यकता एवं महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि एनसीसी कैडेट्स नियमित रूप से वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान तथा जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि “देश सेवा केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण की रक्षा भी राष्ट्र सेवा का महत्वपूर्ण भाग है।

इसके उपरांत पर्यावरण क्लब की संयोजिका डॉ. जुही राय ने महाविद्यालय परिसर में पर्यावरण क्लब द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं उद्देश्यों को साझा किया। उन्होंने बताया कि कॉलेज परिसर की हरियाली को बनाए रखने में छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण क्लब निरंतर जागरूकता अभियानों, स्वच्छता कार्यक्रमों, पौधारोपण एवं जैव विविधता संरक्षण जैसे कार्यों के माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना विकसित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हरा-भरा परिसर केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं, बल्कि स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण का आधार भी है।कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स नम्रता जैसवाल, रिया, दीप्ति एवं अन्य छात्राएं अनुराक्षी मौर्य, हरियाली, शुभांगी मौर्य इत्यादि सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर एनसीसी एवं पर्यावरण क्लब द्वारा संयुक्त रूप से महाविद्यालय परिसर की जैव विविधता पर आधारित एक विशेष अभियान  डिजिटल ट्री टेल की शुरुआत भी की गई। इस अभिनव पहल के अंतर्गत कॉलेज परिसर में स्थित विभिन्न पौधों एवं वृक्षों की विविधता, विशेषताओं एवं उनकी पर्यावरणीय उपयोगिता को तकनीकी प्रस्तुति के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। शुभांगी एवं हरियाली ने मुख्य अतिथि के समक्ष इसकी प्रभावशाली प्रस्तुति दी, जिसकी सभी ने सराहना की। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया। इस दौरान आँवला, महोगनी, शहतूत, अमरूद, कदंब, आम तथा क्रोटन के पौधों का रोपण किया गया। यह पौधारोपण कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक बना। प्रोफेसर सीमा श्रीवास्तव, प्रोफेसर सुजाता साहा, प्रोफेसर रबिन्द्रनाथ मोहंता, प्रोफेसर संजीव कुमार, प्रोफेसर अर्चना तिवारी, प्रोफेसर अंजना सिंह, डॉक्टर पुनीता पाठक सहित अन्य अध्यापकगण उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय के भूगोल विभाग की प्रोफेसर डॉ. अनामिका द्वारा संपन्न हुआ।विश्व पर्यावरण दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी एवं पर्यावरण संरक्षण की भावना जागृत करने में अत्यंत सफल रहा।

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