गाजीपुर : सुहैल खाँ की पुस्तक किनवारनामा का हुआ लोकार्पण

गाजीपुर । साहित्य चेतना समाज के तत्वावधान में ‘चेतना-प्रवाह’ कार्यक्रम के अन्तर्गत नगर के रूईमण्डी स्थित जे.पी.जे.ज्ञानदीप अकादमी के सभागार में सुहैल खाँ की पुस्तक ‘किनवारनामा’ का लोकार्पण सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शायर मासूम रज़ा राशदी (डाक अधीक्षक-गाजीपुर मण्डल) थे।अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार शेषनाथ राय ने की। एम.ए. एच. इण्टर काॅलेज के प्रधानाचार्य खालिद अमीर ने कहा कि यह पुस्तक किनवारों का नसबनामा है। नसबनामा और सफरनामा लिखना अत्यंत कठिन है।इसकी सामग्री जुटाना बहुत जटिल कार्य है। सुहैल खाँ ने बहुत परिश्रम करके यह पुस्तक तैयार किया है। हिन्दू इण्टर काॅलेज जमानियां की शिक्षिका डाॅ.ऋचा राय ने इस पुस्तक को आंचलिक इतिहास पर शोध करने वालों के लिए प्रमाणिक दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि नाम,कुल,गोत्र प्रवर के साथ ही किनवार,दोनवार एवं सकरवारों की उत्पत्ति,विकास,विस्तार एवं वैभव को भी यह पुस्तक प्रतिपादित करती है।साहित्य चेतना समाज के संस्थापक अमरनाथ तिवारी अमर ने कहा कि गणित और विज्ञान के विद्यार्थी होते हुए भी सुहैल खाँ ने कमसारनामा,बारानामा और अब किनवारनामा लिखकर महत्वपूर्ण कार्य किया है। मुख्य अतिथि मासूम रज़ा राशदी ने भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पुस्तक लेखक का लेखन के प्रति जुनून और समर्पण का परिचायक है। इस कृति के माध्यम से सुहैल खाँ ने समाज को अमूल्य उपहार दिया है। अध्यक्षीय उद्बोधन में शेषनाथ राय ने कहा कि यह पुस्तक शोधार्थियों को प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराएगी। अपने पूर्वजों को जानने और समझने में यह पुस्तक महत्वपूर्ण योगदान करेगी।लेखक सुहैल खाँ ने कहा कि इस पुस्तक में वंशावली का महत्व,भूमिहार एवं किनवार शब्दों की उत्पत्ति एवं इतिहास,गोत्र प्रवर,वेद आदि के साथ सकरवार एवं दोनवार वंश के इतिहास का भी जिक्र किया गया है। संचालन डाॅ.ऋचा राय ने किया।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से साहित्य चेतना समाज के संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी, विपिन बिहारी राय, डा.प्रेमशंकर सिंह,रामाश्रय सिंह, सुधीर प्रधान,पारसनाथ गुप्त,गिरिजा राय,सुभाष प्रसाद,मनीष अग्रवाल आदि उपस्थित थे। अंत में विद्यालय के प्रबंधक कुंभनाथ जायसवाल ने सभी के प्रति आभार जताया।




