
अजीत पांडेय / लखनऊ। देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर स्मार्ट प्री-पेड मीटर लग रहा है।उपभोक्ताओं की शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।कई उपभोक्ता का आरोप है कि पुराने मीटर की तुलना में स्मार्ट मीटर से बिजली का बिल ज्यादा आ रहा है।वहीं उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड का दावा है कि स्मार्ट मीटर सही रीडिंग देता है। स्मार्ट प्री-पेड मीटर को लेकर विवाद के बीच यूपीपीसीएस ने उपभोक्ताओं को 2 फीसदी छूट देने का ऐलान किया है।स्मार्ट प्री-पेड मीटर लगवाने वाले उपभोक्ताओं को निर्धारित विद्युत दर पर 2 फीसदी की छूट का सीधा लाभ मिलेगा।यानी प्री-पेड मीटर से बिजली पहले से सस्ती हो जाएगी।साथ ही पुराने मीटर की सिक्योरिटी धनराशि को नए प्री-पेड बैलेंस में क्रेडिट कर दिया जाएगा या बकाया बिल में समायोजित कर दिया जाएगा। यूपीपीसीएल का कहना है कि रिचार्ज में देरी न करें, निर्बाध बिजली सेवा का लाभ उठाएं।
यूपीपीसीएल ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को बेहद गंभीरता से लिया है।यूपीपीसीएल ने चेक मीटर अभियान शुरू किया है। अगर किसी उपभोक्ता को लगता है कि स्मार्ट मीटर गलत रीडिंग दे रहा है और बिल ज्यादा आ रहा है तो वह 200 रुपये जमा करके चेक मीटर लगवा सकता है।अगर चेक मीटर स्मार्ट मीटर से कम रीडिंग दिखाता है तो चेक मीटर की रीडिंग मान्य होगी और 200 रुपये का भुगतान बिल में समायोजित वापस कर दिया जाएगा।अगर चेक मीटर स्मार्ट मीटर के बराबर या अधिक रीडिंग दिखाता है तो 200 रुपये वापस नहीं होंगी। यूपीपीसीएल का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं को पारदर्शिता मिलेगी और अनावश्यक शिकायतों पर भी लगाम लगेगी। यूपीपीसीएल का मानना है कि प्री-पेड स्मार्ट मीटर से न सिर्फ बिल कम आएगा, बल्कि रिचार्ज के जरिए उपभोक्ता अपनी बिजली खपत को खुद नियंत्रित कर सकेंगे। यूपीपीसीएल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय पर रिचार्ज करें और बिना किसी परेशानी के निर्बाध बिजली का लाभ उठाएं।अभी तक यूपी में लाखों स्मार्ट मीटर लग चुके हैं और यह संख्या तेजी से बढ़ रही है।उपभोक्ता अगर स्मार्ट मीटर लगवाना चाहते हैं या चेक मीटर के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो अपने स्थानीय बिजली कार्यालय या यूपीपीसीएल की वेबसाइट/ऐप के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।



