Slide 1
Slide 1
भोपालमध्य प्रदेशराज्य

बिम्सटेक यूथ प्रोग्राम युवाओं ने लिया सतत जीवन शैली, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

भोपाल। विदेश मंत्रालय ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सहयोग से 17-23 मार्च तक मध्य प्रदेश में ‘बिम्सटेक यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमर्शन प्रोग्राम’ का आयोजन किया। यह कार्यक्रम 6वें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिम्सटेक में युवा आदान-प्रदान को मजबूत करने के लिए घोषित पहलों के तहत आयोजित किया गया। इसमें बिम्सटेक के सात सदस्य देशों- बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के 80 से अधिक युवाओं ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विरासत संरक्षण और ‘मिशन लाइफ’ (पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली) पर फोकस किया।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा इस पहल का उद्देश्य लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत करना है, साथ ही बिम्सटेक के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों, संस्कृति, पर्यावरण और युवा जुड़ाव, में सहयोग को आगे बढ़ाना है। मंत्रालय ने कहा भोपाल में आयोजित कार्यक्रम का पहला चरण सांस्कृतिक विरासत के अनुभव पर केंद्रित था, जहां प्रतिभागियों ने संग्रहालयों, विरासत स्थलों और जनजातीय सामुदायिक केंद्रों का दौरा किया तथा विभिन्न संस्कृतियों के बीच संवाद और चिंतन सत्रों में भाग लिया। कार्यक्रम का दूसरा चरण पचमढ़ी बायोस्फीयर रिज़र्व में आयोजित हुआ, जहां प्रतिभागियों ने एक ‘पर्यावरण नेतृत्व मॉड्यूल’ में हिस्सा लिया, इसमें वन पारिस्थितिकी कार्यशालाएं, स्थिरता परियोजनाएं, पर्यावरण-पर्यटन पहलें, साहसिक गतिविधियां और टीम-निर्माण अभ्यास शामिल थे।

यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री की ‘मिशन लाइफ’ पहल के अनुरूप है, जो युवाओं के बीच सतत जीवन शैली और पर्यावरण संरक्षण की भावना को बढ़ावा देता है, इसे अनुभव-आधारित शिक्षा, साथियों के बीच संवाद और सहयोगात्मक परियोजनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। मध्य प्रदेश के माननीय राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और प्रतिभागियों के साथ संवाद किया। इस कार्यक्रम के महत्त्वपूर्ण परिणाम सामने आए, जिनमें साझा सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विरासत के प्रति गहरी समझ, प्रतिभागियों के बीच नेतृत्व और विभिन्न संस्कृतियों के साथ तालमेल बिठाने की क्षमताओं में वृद्धि तथा निरंतर सहयोग सुनिश्चित करने के लिए एक ‘बिम्सटेक युवा स्थिरता नेटवर्क’ की स्थापना शामिल है। यह पहल बिम्सटेक ढांचे के अंतर्गत क्षेत्रीय जुड़ाव को गहरा करने और युवाओं को सांस्कृतिक कूटनीति तथा सतत विकास के दूतों के रूप में सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button