
असगर अली/ ब्यूरो चीफ,देवरिया। जनपद में शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है। यह आदेश सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह की अर्जी पर सुनवाई के बाद दिया गया। पुलिस ने गुलरिहा थाने में दर्ज मुकदमे में भ्रष्टाचार की धाराएं जोड़े जाने के बाद आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी। सीओ ने अदालत को बताया कि दोनों आरोपी लगातार पुलिस से बच रहे हैं। कई संभावित ठिकानों पर दबिश के बावजूद गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इस पर कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए यह आदेश जारी किया।इससे पहले एसएसपी गोरखपुर ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 25-25 हजार रुपये कर दिया गया है, ताकि जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके। बताते चले कुशीनगर के हरैया बुजुर्ग निवासी 37 वर्षीय कृष्ण मोहन सिंह देवरिया के गौरीबाजार स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में सहायक अध्यापक थे। उन्होंने गोरखपुर के गुलरिहा स्थित अपने आवास में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले शिक्षक ने चार पेज का सुसाइड नोट और एक वीडियो बनाया था। जिसमें उन्होंने बीएसए, लिपिक संजीव सिंह और सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह पर नियुक्ति बहाली के नाम पर 16 लाख रुपये मांगने और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था।मृतक की पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर गुलरिहा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गईं।तभी से पुलिस की चार टीमें देवरिया, बलिया, लखनऊ और प्रयागराज में आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिल रही है।सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी न होने से तरह तरह की बातें हो रही है।इधर अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।




