आधुनिक चिकित्सा तकनीकी व आयुर्वेद हमे संतुलित जीवन जीने का आधार देता है – डॉ विनोद बिंद

चन्दौली । रॉयल हॉस्पिटल में आयोजित
“नई चिकित्सा तकनीक और हमारी प्राचीन आयुर्वेदिक परंपरा” विषयक कॉन्फ्रेंस में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर भदोही सांसद डॉ विनोद बिंद ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी लोग सुखी रहे और रोग मुक्त रहे यही हमारे देश के प्रधानमंत्री मोदी जी की सोच है । उन्होंने कहा कि हमारे परंपरा के अनुसार आयुर्वेद के चार स्तंभ धर्म, कर्म, लाभ व मोक्ष है और यही स्तंभ अच्छे स्वास्थ्य की पहचान है । उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति कहती है जो स्वस्थ है उसे स्वस्थ रखना है और जो रोग से पीड़ित है उसे उपचार करना है । हमारे देश में प्राचीन चिकित्सा के क्षेत्र में विकसित परंपरा और टेक्नोलॉजी किसी देश में नहीं है । हजारों साल पहले सुश्रुत जी जो करके दिखाया वह पूरी दुनिया के लिए एक रास्ता बन गया । सांसद डॉ विनोद बिंद ने कहा कि सुश्रुत जी 300 प्रकार के सर्जरी व 1200 उपकरण की खोज किया था । आज हमारी सरकार भी आयुष के क्षेत्र में कार्य कर रही है । कहा कि पहले जो भी सरकार थी वह संस्कृति परंपरा विरासत व भारत की मूल भावना पर ध्यान नहीं दिया ।
2013-14 में जो सरकार थी उनका बजट आयुष क्षेत्र 700 करोड़ का हुआ करता था लेकिन जब से मोदी की सरकार बनी है आयुष मंत्रालय का बजट चार से पांच गुना बढ़कर 3700 करोड़ हो गया है।
कहा कि आयुर्वेद के क्षेत्र में देश में 3600 आयुष चिकित्सा, 7000 से ऊपर बेड 38000 आयुष डिस्पेंसरी और 1.5 करोड़ आरोग्य मंदिर है साथ ही 7.50 लाख से ज़्यादा डॉक्टर आयुष क्षेत्र में कार्य कर रहे है ।
कहा कि आधुनिक चिकित्सा प्रणाली हमे तकनीकी देती है लेकिन जो आयुर्वेद है हमे संतुलित जीवन जीने का आधार देता है । भविष्य के लिए मोदी जी की जो सोच है वह आधुनिक चिकित्सा पद्धति व आयुर्वेद दोनों को मिलाकर एक व्यवस्थित चिकित्सा पद्धति देना है । आज योग व आयुर्वेद के प्रति लोगो का झुकाव बढ़ा है । देश में स्वास्थ्य के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ने लगी है वहीं लोग अब सुरक्षित चिकित्सा पद्धति को अपनाने लगे हैं विश्व की सबसे प्राचीनतम आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की ओर लोगों का झुकाव होने लगा है। कोरोना काल में आयुर्वेद की ओर लोगों का झुकाव बढ़ा । लोगों में स्वास्थ्य के प्रति खासकर आयुर्वेद के प्रति जागृति आई है । उन्होंने कहा सुश्रुत जी ने केवल शल्य चिकित्सा को ही नही जन्म दिया बल्कि उन्होंने लोगो के प्रति समर्पण, सेवा, करुणा व ममता का भाव स्थापित किया । डॉक्टर तो सब बन कर चिकित्सा कर लेते है लेकिन जब तक आप के अंदर समर्पण, करुणा, दया व ममता का भाव नही होगा आपकी चिकित्सा प्रणाली अधूरी है । हमे मॉडर्न तो बनना है लेकिन जो हमारी पुरानी परंपरा है उसे छोड़ना नही है । दोनों पद्धति को सामजंस्य बढ़ा कर आगे बढ़े । जबसे मोदी जी की सरकार बनी है आयुष के क्षेत्र में काफी काम हो रहे है । लोग योग व आयुर्वेद की तरफ तेजी से बढ़ रहे है । एक समय ऐसा आएगा जब आयुर्वेद को अपनाने वाले लोग सबसे ज्यादा हो जाएंगे । कहा कि देश मे ज्यादा समय तक कांग्रेस की ही सरकार रही है लेकिन स्वास्थ्य के प्रति उन्होंने ध्यान नही दिया । जब से मोदी जी की सरकार बनी है स्वास्थ्य के प्रति ऐतिहासिक बदलाव आया है । जब मैं छात्र था तो उस समय एमबीबीएस की कुल सीट 51हजार 318 हुआ करती थी लेकिन जब से मोदी की सरकार देश मे बनी है यह सीट बढ़कर एक लाख बत्तीस हजार के करीब पहुंच गई है और पीजी की सीट 31 हजार से बढ़कर 82 हजार तक । कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के कार्यकाल में केवल 8 मेडिकल हुआ करते थे जबकि मोदी सरकार में मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़कर 78 हो गयी है और सीट की संख्या 650 से बढ़कर 12 हजार 325 हो गयी है ।



