
अजित पाण्डेय /वाराणसी। अखिल भारतीय विश्वकर्मा ट्रस्ट द्वारा विश्वकर्मा समाजिक समागम व होली मिलन समारोह रविवार को चितईपुर स्थित धर्मेश्वर वाटिका मे आयोजित हुआ । समारोह मे विश्वकर्मा समाज के लोग बड़ी संख्या मे उपस्थित रहे । विश्वकर्मा समाजिक समागम एवं होली मिलन समारोह मे बुद्धिजीवी वर्ग के साथ साथ शिक्षा जगत, व्यापारी वर्ग आफिसियल वर्ग के लोग एवं शिल्पकार मौजूद थे । विश्वकर्मा समाज के प्रतिभाशाली युवाओ को शिक्षा के क्षेत्र मे नाम रोशन करने लिए सम्मानित किया गया । मुख्य अतिथि पारस नाथ शर्मा ( अवकाश प्राप्त न्यायाधीश ) थे। समारोह मे समाज के शिक्षा जगत से जुड़े धीरज विश्वकर्मा द्वारा लिखित एक पुस्तिका कर्ण दर्शन का अवकाश प्राप्त न्यायाधीश ने पत्रिका विमोचन किया मुख्य अतिथी पारस नाथ शर्मा ने कहा कि शिक्षा से ही हर विकास का जननी है। शिक्षा वह शेरनी है जिसका दुध जो भी पियेगा वह दहांडेगा समारोह के विशिष्ट अतिथी सपा नेता एवं विश्वकर्मा समाज के महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा “विश्वकर्मा ” ने कहा कि विश्वकर्मा समाज की सर्वाधिक संख्या देश से लेकर प्रदेश मे अत्यधिक है। समाज के लोगो की अपनी ताकत एवं पहचान स्थापित कर उंचाई पर पहुंचने के लिए एक होकर परिश्रम करने की आवश्यकता है। हम सभी बटने के कारण जो राजनीतिक लाभ मिलना चाहिए उससे दुर होते चले जा रहे है। हम सभी की पहचान शिल्प देवता भगवान विश्वकर्मा से है । कार्यक्रम मे प्रमुख रूप से शशिधर पंचगौड, अध्यक्ष रघुवर दास विश्वकर्मा,डाॅ विद्यानंद शर्मा,भरत विश्वकर्मा,रामचंद्र शर्मा धनश्याम विश्वकर्मा,डाॅ वी के शर्मा, बिनोद शर्मा, धीरज विश्वकर्मा, अभिषेक विश्वकर्मा,राकेश विश्वकर्मा,सुनिल विश्वकर्मा,बाबू विश्वकर्मा,आदि लोग उपस्थित थे ।



