
अजित पाण्डेय /वाराणसी। काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा को जीवंत रूप देते हुए हरे कृष्ण मूवमेंट वाराणसी द्वारा आगामी 28 फरवरी 2026 को एक विशेष वैदिक सांस्कृतिक उत्सव फूलों की होली का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन सायं 4 बजे से अक्षय पात्र परिसर एल.टी. कॉलेज ऑर्डरली बाज़ार में संपन्न होगा। फूलों की होली पारंपरिक रंगों से अलग पुष्पों के माध्यम से उल्लास और भक्ति व्यक्त करने की परंपरा है। जहाँ संकीर्तन शास्त्रीय एवं लोक आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ पुष्प अर्पण और सामूहिक आनंद का वातावरण बनता है। यह उत्सव बच्चों युवाओं वरिष्ठ नागरिकों व सभी वर्गों के लिए समान रूप से आकर्षक माना जाता है। कार्यक्रम की शुरुआत भक्ति संगीत और संकीर्तन से होगी जिसके पश्चात् विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों होगी। आयोजन के दौरान वैदिक परंपरा से जुड़े विशेष क्षणों के साथ-साथ सामुदायिक सहभागिता को भी महत्व दिया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह उत्सव केवल दर्शक-आधारित नहीं बल्कि सहभागिता प्रधान है जहाँ समाज के विभिन्न वर्ग एक साथ जुड़ते हैं। इस अवसर पर शिक्षा संस्कृति और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति भी अपेक्षित है। आयोजन के अंत में सभी सहभागियों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी जो इस उत्सव की परंपरागत विशेषता है। काशी में इस प्रकार के आयोजनों को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखा जाता है, क्योंकि ऐसे कार्यक्रम भारतीय संस्कृति भक्ति और सामाजिक सौहार्द को एक मंच पर लाते हैं। फूलों की होली का यह आयोजन भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास माना जा रहा है।



