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उत्तर प्रदेशब्रेकिंग न्यूज़लखनऊ

लखनऊ : शहरी विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे -‌ मंत्री ए के शर्मा

संगम सभागार में की समीक्षा बैठक

पीएम आवास योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता, समयबद्धता और पारदर्शिता के स्पष्ट निर्देश

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने संगम सभागार में नगर विकास विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को प्राथमिकता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि शहरी विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता न होने पाए। बैठक के दौरान मंत्री श्री शर्मा ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र लाभार्थियों को समय से आवास उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। लंबित आवासों के निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा जिन लाभार्थियों की किस्तें लंबित हैं, उनका भुगतान तत्काल सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अपात्र व्यक्तियों को सूची से हटाकर वास्तविक पात्रों को जोड़ने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा नियमित भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि पीएम आवास योजना गरीबों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में सत्यापन की कार्यवाही लंबित है वहां जिलाधिकारियों से वार्ता कर उनमें तेजी लाई जाए। समीक्षा के दौरान मंत्री श्री शर्मा ने आकांक्षी नगर योजना, सीएम ग्रिड योजना, कान्हा गौशाला योजना एवं सीएम वैश्विक नगरोदय योजना की प्रगति की जानकारी ली और शेष कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आकांक्षी नगर योजना के अंतर्गत चयनित नगरों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाए, सीएम ग्रिड योजना के तहत शहरी अधोसंरचना को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए, कान्हा गौशाला योजना में गौवंश संरक्षण एवं सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा सीएम वैश्विक नगरोदय योजना के माध्यम से शहरों को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए।

मंत्री श्री शर्मा ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, जिला एवं नगर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए और प्रगति रिपोर्ट समय से प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और गति—इन तीनों का समन्वय ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों को सशक्त और सुव्यवस्थित बनाएगा।बैठक में प्रमुख सचिव श्री पी. गुरु प्रसाद, सचिव श्री अनुज झा, श्री रविंद्र कुमार प्रथम, विशेष सचिव श्री प्रवीण लक्ष्यकार, श्री सत्य प्रकाश पटेल, श्री महेंद्र कुमार सिंह, निदेशक सूडा श्रीमती अपूर्वा दुबे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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